किसान आंदोलन: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा दौरान हो सकता है हंगामा, राज्यसभा में तीन सांसदों का स्थगन प्रस्ताव
राज्यसभा में तीन सासंदों ने कृषि कानूनों के खिलाफ कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया है. ये सांसद राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र हुड्डा और आरजेडी सांसद मनोज झा हैं.
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नई दिल्ली: संसद में आज जोरदार हंगामे के आसार हैं, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आज लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी. इस दौरान विपक्ष कृषि कानूनों और बजट को लेकर हंगामा कर सकता है. वहीं राज्यसभा में तीन सासंदों ने कृषि कानूनों के खिलाफ कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया है. ये सांसद राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र हुड्डा और आरजेडी सांसद मनोज झा हैं.
राज्यसभा में आज अलग अलग संसदीय कमिटी की रिपोर्ट सदन में पटल पर रखी जाएगी लेकिन स्थगन प्रस्ताव की वजह से हंगामा हो सकता है. राज्यसभा में तीनों सांसदों ने नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया है. 29 जनवरी से शुरू हुआ संसद का बजट सत्र किसान आंदोलन के मुद्दे पर हंगामे दार रहने वाला है. विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता है.
राष्ट्रपति के अभिभाषण का किया था बहिष्कार तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में 20 से अधिक विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का भी बहिष्कार किया था. राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस सदस्य रवनीत सिंह बिट्टू ने तीन नये कृषि कानून के विरोध में नारेबाजी की. कांग्रेस की तरफ से अकेले रवनीत सिंह बिट्टू केंद्रीय कक्ष पहुंचे थे क्योंकि कांग्रेस सहित 20 दलों ने तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया. केंद्रीय कक्ष के बाहर से कुछ सदस्यों की नारेबाजी की आवाज भी कुछ देर अंदर सुनाई दी.
किसानों से एक फोन कॉल दूर हूं- प्रधानमंत्री मोदी बजट से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सर्वदलीय में किसानों से बातचीत का भरोसा दिया था. प्रधानमंत्री ने कहा था कि किसानों और सरकार के बीच मसला बातचीत से ही हल होगा. प्रधानमंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि मैं सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर हूं. सरकार का प्रस्ताव अब भी वही है. कृपया इसे अपने अनुयायियों तक पहुंचाएं. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से बातचीत के लिए तैयार है. सभी बातें जो मानी गई हैं उस पर सरकार कायम है.
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