Shankaracharya Avimukteshwaranand Remarks: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कुंभ मेले के दौरान गंगा जल की गुणवत्ता और CPCB की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्नान के लिए पानी सही नहीं था. उन्होंने कहा कि हमने जल परीक्षण के लिए पत्र लिखा था, लेकिन कोई टेस्टिंग नहीं करवाई गई.
शंकराचार्य ने कहा, "इतना बड़ा आयोजन हुआ, लेकिन स्नान के लिए जल की शुद्धता की कोई जांच नहीं की गई. प्रशासन ने सिर्फ माहौल बनाया, लेकिन वास्तविकता कुछ और थी."
मोदी-योगी सरकार पर निशाना
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा "वे खुद को बड़े गौ प्रेमी दिखाते हैं, लेकिन पिछले 11 साल के आंकड़े गौ माता के लिए अलग तस्वीर पेश करते हैं."
धर्म से निकालने की चेतावनी
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उन हिंदुओं को भी आड़े हाथ लिया, जो बीफ के व्यापार में लिप्त हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें पत्र भेजा जाएगा और यह सवाल पूछा जाएगा कि क्या उन्हें हिंदू धर्म से निष्कासित कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि जो हिंदू बीफ का व्यापार कर रहे हैं, उन्हें खोजकर चिट्ठी भेजी जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि 17 मार्च से असली और नकली हिंदुओं की पहचान होगी. बिना गोत्र के कोई हिंदू नहीं होता.
17 मार्च से देशभर में प्रदर्शन
बता दें कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कुंभ मेले में जल की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए और सरकार की नीतियों पर असंतोष जताया. शंकराचार्य ने राजनीतिक दलों को गौ माता पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए 17 मार्च तक का समय दिया है.उनका कहना है कि गौ माता की रक्षा और सम्मान के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, न कि सिर्फ चुनावी वादे करने चाहिए. उन्होंने हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों की रक्षा के लिए 17 मार्च से देशभर में प्रदर्शन और अभियान चलाने की घोषणा की.
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