Tamil Nadu Flood Rescue Operation: तमिलनाडु में रविवार से लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से हालात बिगड़ गए हैं. यहां 75000 लोग राहत कैंप में पहुंचाए गए हैं जबकि उनके बीच 85 हजार फूड पैकेट्स बांटे गए हैं. राहत और बचाव अभियान में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अलावा भारतीय सेना को भी लगाया गया है.
वायु सेना के हेलीकॉप्टर्स ने 20 घंटे से अधिक लगातार उड़ान भरी है और 10 टन राहत सामग्री लोगों के बीच पहुंचाया है. नौसेना और तटरक्षक बल, हेलीकॉप्टरों का उपयोग खाद्य उत्पादों, दूध पाउडर और पीने के पानी की आपूर्ति के लिए कर रहे हैं. आईएनएस पारुंडु और सुलूर वायु सेना स्टेशन से नौसेना के हेलीकॉप्टरों को बाढ़ प्रभावित दक्षिणी क्षेत्रों में भोजन के पैकेट गिराने के लिए तैनात किया गया है.
छतों से हेलीकॉप्टर को देख मदद के लिए गुहार लगाते लोग
भारतीय वायु सेवा के हेलीकॉप्टर मी-17 v5 और एएलएच के जरिए महिलाओं और बच्चों को बाढ़ प्रभावित इलाकों की छतों से निकालकर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है. भारतीय वायु सेना के सदर्न एयर कमांड की ओर से एक वीडियो शेयर किया गया है जिसमें देखा जा सकता है कि छतों पर लोग खड़े हैं और जैसे ही उनके करीब वायु सेना का हेलीकॉप्टर पहुंचता है, वे दोनों हाथ ऊपर उठकर निकासी की गुहार लगाते दिख रहे हैं.
10 लोगों की हो चुकी है मौत
सूबे के मुख्य सचिव शिवदास मीना ने मंगलवार (19 दिसंबर ) को कहा कि राज्य के दक्षिणी जिलों में बीते दो दिनों में इतिहास में सबसे ज्यादा बारिश हुई, जिससे 10 लोगों की मौत हुई है और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है. वरिष्ठ नौकरशाह ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग का भारी बारिश का पूर्वानुमान भी 'गलत' था क्योंकि दो दिनों के भीतर प्रभावित जिलों में अत्यधिक भारी बारिश हुई है.
उन्होंने सचिवालय में संवाददाताओं से कहा, 'बारिश के कारण तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन जिलों में 10 लोगों की मौत हो गई है. कुछ की जान दीवार गिरने के कारण गई, वहीं कुछ की मौत करंट लगने से हुई.
30 घंटे तक लगातार हुई है बारिश
मीना ने कहा कि दक्षिणी जिलों विशेषकर तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन में रिकॉर्ड बारिश हुई है और बाढ़ आई है. उन्होंने कहा, '30 घंटों के भीतर कयालपट्टिनम में 1,186 मिमी बारिश हुई, जबकि तिरुचेंदूर में 921 मिमी बारिश हुई.”
सचिव ने कहा कि नौसेना, वायु सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल सहित केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों के लगभग 1,343 कर्मी बचाव और राहत अभियान में शामिल हैं.
160 राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोग
मीना ने कहा, 'अब तक हमने 160 राहत शिविर स्थापित किए हैं और इन राहत शिविरों में लगभग 17,000 लोगों को रखा गया है. लोगों को लगभग 34,000 भोजन के पैकेट वितरित किए गए हैं और अब भी, हम कुछ गांवों तक नहीं पहुंच सके हैं क्योंकि जल स्तर अभी कम नहीं हुआ है.'
सचिव ने कहा कि राहत कार्य में नौ हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं और उनके जरिए फंसे हुए लोगों तक 13,500 किलोग्राम खाद्य सामग्री पहुंचायी गई है. इन क्षेत्रों में फंसे लोगों तक हेलिकॉप्टर की मदद से भोजन के पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं. लोगों के लिए भोजन, दूध, पेयजल एवं मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं. इन राहत शिविरों में स्कूल और सार्वजनिक हॉल शामिल हैं। इनमें लोगों के लिए भोजन, दूध, पेयजल एवं मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं.
तेज बहाव के कारण हेलीकॉप्टर पर राहत और बचाव का जिम्मा
अधिकारी ने बताया कि कई इलाकों में पानी का बहाव तेज है और यहां नावों का प्रयोग नहीं हो सकता इसलिए हम इन क्षेत्रों में लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों पर निर्भर हैं.
मीणा ने बताया कि बाढ़ के कारण संचार स्थापित करने में भी परेशानी हो रही है. उन्होंने बताया कि तूत्तुक्कुडि जिले के कई हिस्सों में संचार नेटर्वक बंद हैं तथा वहां पुलिस वायरलेस नेटर्वक के माध्यम से संपर्क किया जा रहा है.
ये भी पढ़ें :आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा चक्रवात मिचौंग, तमिलनाडु में मचा चुका है तबाही, हवाई सेवा प्रभावित