AAP के नक्शे कदम पर TMC, बीजेपी पर लगाए ये आरोप; क्या सता रहा हार का डर?
बंगाल के संसदीय मामलों के मंत्री चट्टोपाध्याय ने कहा कि ऑनलाइन वोटरों का रजिस्ट्रेशन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बीजेपी पर हमला करते हुए TMC ने कहा कि बंगाल की मतदाता सूची में भूतिया मतदाता जोड़े गए.

Ghost Voters In Bengal: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में बाहरी लोगों को शामिल करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच घमासान तेज हो गया है. टीएमसी ने भाजपा पर चुनाव आयोग की मदद से विपक्षी शासित राज्यों में चुनाव जीतने के लिए वोटर लिस्ट में हेरफेर करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इसे सिरे से खारिज कर दिया और टीएमसी को ही फर्जी मतदाता जोड़ने का दोषी ठहराया.
टीएमसी ने दावा किया कि दक्षिण 24 परगना जिले के चंपाहाटी क्षेत्र में पिछले 7 महीनों में मतदाताओं की संख्या में 4,500 की वृद्धि हुई. पार्टी के अनुसार,"इन नए मतदाताओं में कई ऐसे लोग हैं जिनका स्थानीय पते से कोई संबंध नहीं है. वे मुर्शिदाबाद, मालदा और सिलीगुड़ी जैसे जिलों से जुड़े हुए हैं."
टीएमसी ने आरोप लगाया कि कुछ बूथों पर 200-300 नए मतदाता जोड़े गए हैं और कई मतदाताओं को एक ही फोन नंबर के तहत सूचीबद्ध किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की जा रही है.
टीएमसी ने ट्वीट कर भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, "यह कोई लिपिकीय त्रुटि नहीं है; @BJP4India बंगाल में ‘दिल्ली मॉडल’ को दोहराने की कोशिश कर रही है. क्या @ECISVEEP इस ज़बरदस्त हेरफेर की निगरानी भी कर रहा है? अगर इसे चुनौती नहीं दी गई तो पूरे भारत में चुनावों की अखंडता गंभीर खतरे में पड़ जाएगी. लोकतंत्र खतरे में है!"
ममता बनर्जी ने दी कड़ी चेतावनी
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी अपनी नाराजगी जताई और पार्टी नेताओं को मतदाता सूची से फर्जी मतदाताओं को हटाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा,"वोटर लिस्ट को ऑनलाइन क्यों किया जाना चाहिए? महाराष्ट्र की मतदाता सूची में 40 लाख की वृद्धि कैसे हुई? वे बंगाल में भी यही कोशिश कर रहे हैं, हमारी वोटर लिस्ट में बाहरी लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. हम ऐसा नहीं होने देंगे. जो दूसरे नहीं कर सकते, वह हम कर सकते हैं. हमने उनके झूठ को उजागर कर दिया है." बनर्जी ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे वोटर लिस्ट में किसी भी अनियमितता को गंभीरता से लें और इसकी जांच करें.
टीएमसी का पलटवार
बंगाल के संसदीय मामलों के मंत्री सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा कि टीएमसी संशोधित मतदाता सूची में गड़बड़ियों की जांच करेगी और चुनाव आयोग से इस मामले पर कार्रवाई की मांग करेगी. उन्होंने कहा,"मैं एक या दो दिन के भीतर एक बैठक बुलाऊंगा और मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को इस मुद्दे पर लिखूंगा. मैं व्यक्तिगत रूप से सीईओ कार्यालय जाऊंगा और संदेहास्पद नामों का सत्यापन करूंगा. बिना उचित जांच के किसी भी नाम को पंजीकृत नहीं किया जाएगा." टीएमसी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने हर जिले के नेताओं को सतर्क कर दिया है और उन्हें किसी भी विसंगति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को देने के निर्देश दिए हैं.
भाजपा का पलटवार
टीएमसी के आरोपों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उल्टा टीएमसी को ही फर्जी मतदाता जोड़ने का दोषी ठहराया. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा,"फर्जी मतदाता, धांधली वाले चुनाव और टूटा हुआ लोकतंत्र ममता की टीएमसी ने चुनावी धोखाधड़ी की कला में महारत हासिल कर ली है. बंगाल को इस भ्रष्टाचार से जागने में और कितने फर्जी वोट लगेंगे? भाजपा ने दावा किया कि बंगाल में चुनावी धांधली की परंपरा नई नहीं है और इसके लिए पूरी तरह से टीएमसी जिम्मेदार है.
Source: IOCL

























