नई दिल्ली: अगस्त के महीने में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में खतौली के पास कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. जिसमें नौकरी से निकाले गए सभी 12 ट्रैकमैनों को नौकरी पर वापस ले लिया गया है.
इस हादसे में पुरी से हरिद्वार जा रही ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. जिसमें 23 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 81 लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे.
ये ट्रेन हादसा सिर्फ और सिर्फ लावरपाही का नतीजा था। लेकिन अब बिना किसी सख्त कार्रवाई के खतौली ट्रेन एक्सीडेंट के सभी ट्रैकमैन्स को वापस नौकरी पर बुलाने की खबर है.
इस हादसे को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी की जांच में भी मानवीय भूल बताया गया था। खतौली में बिना ब्लॉक लिए ट्रैक को काट दिया गया था, और अब नौकरी में वापस लेने का मतलब ये है कि उस भयावह हादसे में मारे गए 23 की मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।
इस हादसे के बाद मेंबर इंजीनियरिंग, जीएम नॉर्थरन रेलवे और डीआरएम दिल्ली को छुट्टी पर भेजा गया था. लेकिन उन सभी लोगों को भी पहले ही वापस बुलाया जा चुका है।
इन सभी लोगों को रिमूवल फरॉम सर्विस का आदेश भी आज वापस ले लिया गया.
खतौली हादसे के बाद बर्खास्त किए गए सभी 12 ट्रैकमैनों की फिर हुई नियुक्ती
एबीपी न्यूज़
Updated at:
16 Nov 2017 11:05 PM (IST)
अगस्त के महीने में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में खतौली के पास कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. जिसमें नौकरी से निकाले गए सभी 12 ट्रैकमैनों को नौकरी पर वापस ले लिया गया है.
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