Union Budget 2025: महाकुंभ से आई बजट के लिए बड़ी डिमांड! जानें मोदी सरकार से क्या कह रहे लोग
Union Budget 2025: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में पहुंचे लोग टैक्स स्लैब में छूट की उम्मीद लगाए हुए हैं. बजट में आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने और मध्यम वर्ग को राहत देने के उपाय किए जा सकते हैं.

Union Budget 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी (1 फरवरी 2025) को लगातार 8वां बजट पेश करने जा रही हैं, जिसमें मध्यम वर्ग को महंगाई और स्थिर वेतन वृद्धि से राहत दिलाने के लिए इनकम टैक्स दरों और स्लैब में बदलाव की उम्मीद है. आम बजट में आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने और मध्यम वर्ग को राहत देने के उपाय किए जा सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब और मध्यम वर्ग के उत्थान के लिए धन की देवी का आह्वान करने के बाद आयकर में राहत मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं.
संगम नगरी प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में पहुंचे लोगों ने भी बजट पेश होने से पहले प्रतिक्रिया दी है. लोग टैक्स स्लैब में छूट और नौकरियों को लेकर सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं. प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे एक शख्स ने एएनआई से कहा कि वह सैलरी पाने वाले व्यक्ति हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार टैक्स की सीमा में कुछ छूट देगी और सरकार 5 लाख के स्लैब में बदलाव कर उसे 7.5 लाख तक कर दे.
महाकुंभ में पहुंचे युवाओं की सरकार से उम्मीद
महाकुंभ पहुंचे युवक ने कहा, "सरकार युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मुहैया कराये. एजुकेशन लोन को लेकर व्यवस्था को और ठीक किए जाएं." एक अन्य युवक ने कहा, "यह सरकार हमेशा छात्रों के लिए अच्छा काम करती है और इस बार भी अच्छा बजट लाएगी."
#WATCH | #UnionBudget2025 to be tabled in Lok Sabha, today, at Prayagraj #Mahakumbh, Deepak says, "Being a salaried person, I expect that the govt will provide some relaxation in tax limit; I hope that the govt will alter the 5 lakh slab and will exceed that limit upto 7.5… pic.twitter.com/JNPVCQUiMe
— ANI (@ANI) February 1, 2025
वित्त मंत्री ने पेश किया था इकोनॉमिक सर्वे
संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार देश की आर्थिक वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 6.3 फीसदी से 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है. चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर चार साल के निचले स्तर 6.4 फीसदी पर रहने का अनुमान है. सब्जियों की कीमतों में मौसमी आधार पर कमी और खरीफ फसल की आवक के साथ वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी आने की संभावना है.
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