अजमेर बम ब्लॉस्ट : भावेश पटेल और देवेंद्र गुप्ता को उम्रकैद की सजा, 2007 में हुआ था विस्फोट

जयपुर : राजस्थान के अजमेर में हुए बम ब्लॉस्ट में आज फैसला आ चुका है. जयपुर की विशेष अदालत ने अजमेर बम ब्लॉस्ट मामले में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा का ऐलान किया है. अजमेर स्थित सूफी ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती दरगाह परिसर में करीब 9 साल पहले धमाका हुआ था. इसमें भावेश पटेल और देवेन्द्र गुप्ता दोषी पाए गए थे.
कोर्ट ने सुनवाई आज तक के लिए टाल दी थी
इससे पहले 18 मार्च को फैसला सुनाया जाना था लेकिन कोर्ट ने सुनवाई आज तक के लिए टाल दी थी. राष्ट्रीय जांच एजेन्सी(एनआईए) के मामलों की विशेष अदालत के जज दिनेश गुप्ता ने 8 मार्च को फैसला सुनाया था. इसमें अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में 11 अक्टूबर 2007 को 'आहता ए नूर' पेड़ के पास हुए बम विस्फोट मामले में देवेन्द्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को दोषी करार दिया था.
आरोपियों में से सुनील जोशी की मौत हो चुकी है
दोषी पाये गये आरोपियों में से सुनील जोशी की मौत हो चुकी है. जबकि कोर्ट ने असीमानंद समेत सात आरोपियों को बरी कर दिया था. कोर्ट ने देवेन्द्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को आईपीसी की धारा 120 बी, 195 और धारा 295 के अलावा विस्फोटक सामग्री कानून की धारा 34 और गैर कानूनी गतिविधियों का दोषी पाया है.
धमाके में तीन लोगों की मौत हुई थी
गौरतलब है कि अजमेर दरगाह में 11 अक्टूबर 2007 को हुए धमाके में तीन लोगों की मौत हुई थी और 15 लोग घायल हुए थे. इस घटना के बाद से ही दरगाह की सुरक्षा चाकचौबंद रहती है.
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