देश भले ही कोरोना टीकाकरण के मामले में 100 करोड़ डोज के आंकड़े को पार कर चुका है. लेकिन देश में अभी भी कई ऐसे जिले हैं, जहां लोग वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं. वैक्सीन लगवाने के मामले में देश के कई जिले अब भी पिछड़े हुए हैं. इसी को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उन जिलों के जिलाधिकारियों से बातचीत की, जहां कोरोना टीकाकरण की रफ्तार सुस्त है. पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दौरान जिलाधिकारियों को वैक्सीन की रफ्तार बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स भी दिए. 


पीएम मोदी ने अफसरों से कहा, आपके सामने एक बड़ी चुनौती लोगों के बीच अफवाहों और गलत जानकारी की है. असल समाधान लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरुक करना है. आप इसके लिए धार्मिक नेताओं की मदद ले सकते हैं. छोटी-छोटी वीडियो बनाकर उन्हें सर्कुलेट कर सकते हैं. पीएम मोदी ने आगे कहा, अपने जिलों में एक-एक गांव, एक-एक कस्बे के लिए अगर अलग-अलग रणनीति बनानी हो तो वह भी बनाएं. आप क्षेत्र के हिसाब से 20-25 लोगों की टीम बनाकर भी ऐसा कर सकते हैं. जो टीमें आपने बनाई हों, उनमें एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो, इसका भी प्रयास हम कर सकते हैं. 






पीएम मोदी ने कहा, आपकी मेहनत के कारण ही अब तक की प्रगति हुई है. प्रशासन के हर सदस्य, आशा वर्कर्स ने बहुत काम किया. मीलों पैदल चलीं और देश के दूरस्थ क्षेत्रों तक वैक्सीन पहुंचाई. अगर हम 1 बिलियन डोज के बाद सुस्त हो जाएंगे तो नई परेशानी खड़ी हो जाएगी. पीएम मोदी ने आगे कहा कि कभी भी दुश्मन और बीमारी को कमजोर नहीं समझना चाहिए. उनके साथ आखिर तक लड़ना पड़ता है. इसलिए हमें थोड़ा भी सुस्त नहीं होना है. 


पीएम मोदी ने आगे कहा, 100 वर्षों की सबसे बड़ी महामारी में देश ने बहुत चुनौतियों का सामना किया. अहम बात यह रही कि देश ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी और नए समाधान खोजे. अपने इलाके में वैक्सीनेशन की संख्या को बढ़ाने के लिए आपको कलात्मक तरीके ढूंढने होंगे. 


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