राम मंदिर के लिए बीजेपी का आंदोलन निरर्थक कोशिश, अध्यादेश लाना चाहिए: शंकराचार्य
शंकराचार्य ने कहा, ‘‘अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अब रास्ता यह है कि या तो शीर्ष अदालत में लंबित कार्यवाही शीघ्र गति से आगे बढ़े या अध्यादेश लाया जाए.’’
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मथुरा: शंकराचार्य अधोक्षजानंद ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए बीजेपी और अन्य संगठनों के आंदोलन को ‘‘निरर्थक कोशिश’’ करार देते हुए इसके लिए अध्यादेश लाने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि विरोधी माहौल पैदा करने या सुप्रीम कोर्ट के अधिकारों को चुनौती देने का प्रयास नहीं होना चाहिए.
शंकराचार्य ने कहा, ‘‘अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अब रास्ता यह है कि या तो शीर्ष अदालत में लंबित कार्यवाही शीघ्र गति से आगे बढ़े या अध्यादेश लाया जाए.’’
उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना हक विवाद की सुनवाई रोजाना नहीं कर रही है और इसलिए एकमात्र रास्ता अध्यादेश लाना है. शंकराचार्य ने दावा किया कि जनता ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी और इससे जुड़े संगठनों के बयानों के आधार-विश्वास पर बीजेपी को बड़ा जनादेश दिया था.
उन्होंने कहा कि बीजेपी और इससे जुड़े संगठनों को अयोध्या को आंदोलन का केन्द्र बनाने औरमाहौल खराब करने से दूर रहना चाहिए. बल्कि उन्हें अपनी ऊर्जा प्रधानमंत्री आवास में लगानी चाहिए. मंदिर को लेकर उनके बयान और आंदोलन निरर्थक प्रयास हैं.
उन्होंने कहा कि अध्यादेश के लिए आरएसएस, बीजेपी, विहिप और अन्य को अध्यादेश लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाना चाहिए.
बता दें कि राम मंदिर निर्माण के लिये माहौल बनाने में जुटी विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने रविवार को अयोध्या में ‘धर्म सभा‘ के जरिये मंदिर बनाने का संकल्प जताया.
रविवार को धर्म सभा में शिरकत करने वाले तमाम संतों एवं धर्माचार्यों ने जोर देकर कहा कि मंदिर निर्माण के लिये अब और इंतजार नहीं किया जा सकता और उसकी भव्यता से भी किसी भी तरह के समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है. साथ ही संतों ने यह इशारा भी किया कि आने वाले एक-दो महीने यह तय करेंगे कि मंदिर निर्माण की कवायद क्या रुख अख्तियार करेगी.
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