गया: सीएम नीतीश ने विष्णुपद मंदिर में की पूजा, पितृपक्ष मेले की तैयारियों का लिया जायजा
समीक्षा बैठक के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेले मे बड़ी संख्या में लोग श्रद्धा के साथ यहां पहुंचते हैं. यह राजकीय मेला है, ऐसे में साफ-सफाई और स्वच्छता का पूरा प्रबंध होना चाहिए.

गया: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को गया पहुंचकर विश्व प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और यहां लगने वाले पितृपक्ष मेले की तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने विष्णुपद मंदिर परिसर और देवघाट का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने यहां जगदेव प्रसाद और पूर्व मंत्री उपेंद्र नाथ वर्मा की प्रतिमा का भी आनावरण किया.
पितृपक्ष मेले की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 दिनों तक चलने वाले पितृपक्ष मेले में सफाई की ऐसी व्यवस्था हो कि यहां आने वाले श्रद्धालु खुश होकर घर लौटें. बैठक में जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने पितृपक्ष मेला 2018 से संबंधित प्रशासनिक तैयारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया. जिलाधिकारी ने बताया कि पितृपक्ष मेला-2018 के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन के लिए कई तरह की तैयारियां की गई हैं.
समीक्षा बैठक के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेले मे बड़ी संख्या में लोग श्रद्धा के साथ यहां पहुंचते हैं. यह राजकीय मेला है, ऐसे में साफ-सफाई और स्वच्छता का पूरा प्रबंध होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि घाटों तालाबों और रास्तों की नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए.

नीतीश कुमार ने कहा कि तालाबों की स्वच्छता का विशेष रूप से ख्याल रखा जाना चाहिए, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु तालाबों में नहाते हैं. उन्होंने पानी की स्वच्छता के साथ-साथ पानी की निकासी पर ध्यान देने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले के दौरान हर हाल में 24 घंटे बिजली की निर्बाध आपूर्ति होनी चाहिए. बैठक में कृषि मंत्री प्रेम कुमार, शिक्षा मंत्री ष्णनंदन वर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री ने इससे पहले फल्गु तट पर स्थित देवघाट और सूर्यकुंड का भी निरीक्षण किया. इसके बाद नीतीश ने आयुक्त कार्यालय परिसर में स्थापित जगदेव प्रसाद और दिग्घी तालाब के पास स्थापित पूर्व मंत्री उपेंद्र नाथ वर्मा की प्रतिमा का अनावरण किया.
गौरतलब है कि 23 सितंबर से शुरू हो रहे पितृपक्ष मेले में देश-विदेश के लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना है. प्रत्येक साल पितृपक्ष के मौके पर देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में पिंडदानी अपने पितरों का पिंडदान करने के लिए मोक्षस्थली गया पहुंचते हैं.
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