लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल स्थगित करना पड़ा. विपक्ष देवरिया शेल्टर होम प्रकरण पर तत्काल चर्चा की मांग पर अड़ा था. सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही सपा और कांग्रेस सदस्य शेल्टर होम प्रकरण पर चर्चा की मांग करने लगे. उन्होंने सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया. दोनों दलों के सदस्यों ने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था के मोर्चे पर विफल रही है.

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हंगामा कर रहे सपा-कांग्रेस सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. बसपा सदस्यों ने भी उनका समर्थन किया. विपक्ष के नेता राम गोविन्द चौधरी ने कहा कि देवरिया प्रकरण काफी महत्वपूर्ण है इसलिए तत्काल चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर नैतिकता बची है तो सरकार को इस्तीफा दे देनी चाहिए. बसपा के लालजी वर्मा ने भी प्रकरण के न्यायिक जांच की मांग की.

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अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित सदस्यों से शांत होने की अपील करते रहे लेकिन कोई असर नहीं हुआ. पहले सदन की बैठक आधे घंटे और फिर संपूर्ण प्रश्नकाल तक के लिए स्थगित कर दी गयी. शून्यकाल में बैठक दोबारा शुरू होने पर हंगामा जारी रहा. उस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन में उपस्थित थे. हंगामे के बीच ही अध्यक्ष ने आवश्यक कार्य निपटाये और उसके बाद सदन की बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी.