लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को चित्रकूट के भरतकूप में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे. करीब 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का बुंदेलखंड के विकास में अहम योगदान होगा. इससे चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरेया और इटावा जनपद लाभान्वित होंगे. दावा है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से डिफेंस कॉरिडोर में निवेश करने वाली कंपनियों को भी बड़ा लाभ होगा.
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के बाद बुंदेलखंड के लिए यह बड़ी परियोजना है. सरकार का दावा है कि योगी सरकार लगातार बुंदेलखंड के विकास के लिए कार्ययोजना बना रही है. बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे इसी विकास क्रम का हिस्सा है. बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे चार लेन चौड़ा होगा. इसमें चार रेलवे ओवर ब्रिज, 14 दीर्घ सेतु, 6 टोल प्लाजा, 7 रैंप प्लाजा, 268 लघु सेतु, 18 फ्लाई ओवर और 214 अंडरपास का निर्माण किया जाएगा.
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे चित्रकूट के भरतकूप के पास से शुरू होकर बांदा, हमीरपुर, महोबा और औरैया होते हुए इटावा के कुदरैल गांव के पास यमुना एक्सप्रेस-वे से मिल जाएगा. इससे बुंदेलखंड से देश की राजधानी दिल्ली तक आने-जाने में समय और संसाधनों की बचत होगी.
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर सरकार 14849.09 करोड़ रुपए खर्च करेगी. यह एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड क्षेत्र को सड़क मार्ग के जरिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ेगा. अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के मुताबिक बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 95.46 प्रतिशत भूमि का क्रय और अधिग्रहण किया जा चुका है. इसका निर्माण कार्य के शुरू होने से लगभग 60 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा.
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