नई दिल्ली: लंबी अटकलों के बाद आज आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है. कुशवाहा आज विपक्षी दलों की बैठक में शामिल हो सकते हैं. आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्षी दलों ने आज साढ़े तीन बजे बैठक बुलाई है. कुशवाहा आगामी चुनावों में उम्मीद मुताबिक सीट नहीं मिलने से नाराज हैं. बिहार में सियासी हैसियत रखने वाले कुशवाहा विपक्ष से हाथ मिला सकते हैं, जिसमें लालू प्रसाद की आरजेडी और कांग्रेस शामिल है.
ध्यान रहे कि पिछले लोकसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) तीन सीटों पर चुनाव लड़ी थी और सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी. 2014 लोकसभा चुनाव में एनडीए के साथ जेडीयू नहीं थी. 2019 के चुनाव के लिए नीतीश की पार्टी जेडीयू ने बीजेपी से गठबंधन किया है. ऐसे में कुशवाहा को पिछली बार से कम सीटें मिलने की उम्मीद है और यही नाराजगी की मुख्य वजह है.
बिहार एनडीए में सीट फॉर्मूला पर गौर करें तो 40 सीटों में 17-17 पर बीजेपी और जेडीयू लड़ेगी. बाकी के 6 सीटों में से चार लोजपा को और दो कुशवाहा को देने की योजना थी. कुशवाहा चार सीटों की मांग कर रहे थे.
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी प्रमुख पिछले कुछ सप्ताहों से बीजेपी और उसके अहम सहयोगी दल के नेता, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं. उन्होंने सीटों के मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से समय मांगी थी. लेकिन यह मुलाकात नहीं हो सकी. जिसके बाद से तल्खी बढ़ती गई.
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