लखनऊ:  यूपी में पहले दौर का चुनाव प्रचार कल शाम को खत्म हो गया. अब कल सभी पार्टियों के उम्मीदवारों की पहली परीक्षा होगी, जब पश्चिमी यूपी की 73 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.  पश्चिमी यूपी में 26 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं. जाट वोटर भी निर्णायक भूमिका रखते हैं, इसलिए पार्टियों में वोट के लिए होड़ मची हुई है.


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पश्चिमी यूपी में जाट किसे वोट देंगे?


कल पश्चिमी यूपी की 73 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. आखिरी वक्त तक वोट के लिए नेता गुना भाग करने में जुटे रहे.  वोट के लिए धर्म और जाति का पूरा हिसाब लगाया जा रहा है.


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जाट वोट पर बीजेपी की नजर


मोदी सरकार में कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान को भरोसा है कि एक मिनट में खेल बदल जाएगा और पश्चिमी यूपी में जाट बीजेपी को वोट करेंगे. इनका दावा अपनी जगह है लेकिन हकीकत ये है कि जाटलैंड में बीजेपी का हिसाब सही नहीं बैठा है.


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  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 73 सीटों पर 11 फरवरी को वोटिंग होने वाली है.

  • इस इलाके में विधानसभा की कुल 125 सीट है, जहां पर करीब 17 फीसदी जाट मतदाता हैं.

  • इलाके की 51 सीटों पर जाट मतदाता हार जीत में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

  • आरएलडी के गढ़ बागपत और मथुरा में जाट मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है.


आरक्षण के मुद्दे ने बिगाड़ा खेल


आंकड़े बताते हैं कि पश्चिमी यूपी में जाट वोटर कितनी अहमियत रखते हैं, लेकिन जाट आरक्षण को लेकर हरियाणा में जो चल रहा है उसने बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है.


अब सवाल है कि अगर जाट बीजेपी से नाराज हैं फिर पश्चिमी यूपी में जाट किसे वोट करेंगे? जाटों के नेता चौधरी अजित सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोक दल को या फिर मायावती की पार्टी बीएसपी को?


जहां मुस्लिम वहां जाट नहीं!


जाट जिसे भी वोट दें लेकिन इतना कयास ये लगाए जा रहे हैं कि जाट उस पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे जिस पार्टी को मुस्लिम वोट दे रहे हैं. मुस्लिम वोटर समाजवादी पार्टी के करीब दिख रहा है. मायावती ने भी इस बार मुस्लिम-दलित गठजोड़ को जीत का फॉर्मूला बनाया है.  अगर ये फॉर्मूला चला और मुसलमानों ने बीएसपी को वोट दिया तो फिर जाट वोटर क्या करेंगे.