एक्सप्लोरर

समान नागरिक कानून लागू होने पर क्या-क्या बदल जाएगा, शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों पर कितना होगा असर?

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव से पहले पीएम मोदी ने समान नागरिक संहिता पर नई बहस शुरू कर दी है. गुजरात चुनाव के एलान से पहले सीएम भूपेंद्र पटेल ने इस पर एक समिति बनाने का ऐलान किया था.

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समान नागरिक संहिता पर बयान देकर एजेंडा सेट करने की कोशिश की है. भोपाल में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा है कि दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चलेगा. 

पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता पर मुसलमानों को उकसाया जा रहा है. इसके साथ ही बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी दलों की बैठक को उन्होंने 'फोटो खिंचवाने का अवसर' करार दिया. पीएम मोदी ने कहा बीजेपी सरकार 'तुष्टिकरण' की बजाए 'संतुष्टिकरण' की राह पर चलेगी. 

पीएम मोदी ने कहा, 'एक घर में परिवार के एक सदस्य के लिए एक कानून हो, दूसरे के लिए दूसरा, तो क्या वह परिवार चल पाएगा। फिर ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा? हमें याद रखना है कि भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गई है'.

पीएम मोदी ने कहा पसमांदा मुसलमानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े मुसलमानों के साथ भी बराबर व्यवहार नहीं किया जाता है. जबकि सरकार ने बिना किसी भेदभाव के वंचितों (पसमांदा मुस्लिमों सहित) के लिए काम किया है. पीएम मोदी ने कहा कि तीन तलाक का समर्थन करने वाले लोग सिर्फ वोट बैंक के भूखे हैं जो मुस्लिम बेटियों के साथ अन्याय कर रहे हैं.

पीएम मोदी के इस बयान के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह 'हिन्दू नागरिक संहिता' लाना चाहते हैं. ओवैसी ने कहा, 'भारत के प्रधानमंत्री समान नागरिक संहिता की चर्चा कर रहे हैं. क्या आप समान नागरिक संहिता के नाम पर बहुलवाद, विविधता को छीन लेंगे?' वे सभी इस्लामी प्रथाओं को अवैध करार दे देंगे और प्रधानमंत्री, कानून के तहत सिर्फ हिंदू प्रथाओं की रक्षा करेंगे.'

ओवैसी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के 300 सांसद हैं और वह चुनौती देते हैं कि क्या 'हिंदू अविभाजित परिवार' को खत्म कर दिया जाएगा और क्या वह ऐसा कर पाएंगे? ओवैसी ने संविधान के नीति निर्देशक तत्वों का हवाला देते हुए कहा कि भारत की संपत्ति देश के लोगों के बीच वितरित की जाए और देश की 50 प्रतिशत संपत्ति आठ से 10 लोगों के पास है.  उन्होंने कहा कि नीति निर्देशक सिद्धांत में शराब पर रोक की भी बात है तो शराब पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाता?

चुनाव से पहले पीएम मोदी के समान नागरिक संहिता पर बयान के बाद से नई बहस शुरू हो गई है. समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर सबसे ज्यादा बहस शादी-विवाह के कानूनों पर होती है. 

क्या है समान नागरिक कानून
जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि समान नागरिक कानून का मतलब है कि सबके लिए एक नियम. लेकिन भारत जैसे विविधता वाले देश में इसको लागू करना क्या इतना आसान है जहां सभी को अपने-अपने धर्मों के हिसाब से रहने की आजादी है.

समान नागरिक कानून के मुताबिक पूरे देश के लिये एक समान कानून के साथ ही सभी धार्मिक समुदायों के लिये विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने के नियम एक होंगे.

संविधान के अनुच्छेद 44 में भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून का प्रावधान लागू करने की बात कही गई है.  अनुच्छेद-44 संविधान के नीति निर्देशक तत्वों में शामिल है. इस अनुच्छेद का उद्देश्य संविधान की प्रस्तावना में 'धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य' के सिद्धांत का पालन करना है.

समान नागरिक कानून का पहला जिक्र कब हुआ
ऐसा नहीं है कि कॉमन सिविल कोड यानी समान नागरिक कानून की बात आजादी के बाद की अवधारणा है. इतिहास में खंगालने पर इसका जिक्र 1835 में ब्रिटिश सरकार की एक रिपोर्ट में मिलता है. जिसमें कहा गया है कि अपराधों, सबूतों और कॉन्ट्रेक्ट जैसे मुद्दों पर समान कानून लागू करने की जरूरत है.

इसके साथ ही इस रिपोर्ट में हिंदू-मुसलमानों के धार्मिक कानूनों से छेड़छाड़ की बात नहीं की गई है. लेकिन साल 1941 में हिंदू कानून पर संहिता बनाने के लिए बीएन राव की समिति भी बनाई गई.

इसी समिति की सिफारिश पर साल 1956 में हिंदुओं, बौद्धों, जैनियों और सिखों के उत्तराधिकार मामलों को सुलझाने के लिए हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम विधेयक को अपनाया गया. लेकिन इस  मुस्लिम, इसाई और पारसी लोगों के लिये अलग-अलग व्यक्तिगत कानून थे.

अदालतों में समय-समय पर उठी मांग
सभी के लिए एक समान कानून बनाने की मांग कई मामलों की सुनवाई के दौरान अदालतों में भी उठती रही है. इनमें 1985 का शाह बानो का ट्रिपल तलाक का मामला, 1995 का सरला मुद्गल का मामला है जो कि बहुविवाह से जुड़ा था.

भारत में अभी क्या समान नागरिक कानून की स्थिति
भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872, नागरिक प्रक्रिया संहिता, संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम, 1882, भागीदारी अधिनियम, 1932, साक्ष्य अधिनियम, 1872 जैसे मामलो में सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम लागू हैं. लेकिन धार्मिक मामलों में सबके लिए अलग-अलग कानून लागू हैं और इनमें बहुत विविधता भी है. देश में सिर्फ गोवा एक ऐसा राज्य जहां पर समान नागरिक कानून लागू है.

समान नागरिक कानून लागू करने की चुनौतियां
'कोस कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी'...ये लाइनें भारत के विविधता से भरे समाज को दर्शाती हैं. सिर्फ समाज ही नहीं, घर-घर में भी अलग-अलग रीति रिवाज हैं. भारत में हिंदुओं की आबादी सबसे ज्यादा है. लेकिन हर राज्य में अलग धार्मिक मान्यताएं और रिवाज हैं. उत्तर भारत के हिंदुओं के रीति-रिवाज दक्षिण भारत के हिंदुओं से बहुत अलग हैं. संविधान में नगालैंड, मेघालय और मिज़ोरम के स्थानीय रीति-रिवाजों को मान्यता और  सुरक्षा की बात है.

इसी तरह मुसलमानों के पर्सनल लॉ बोर्ड के भी समुदाय के लिए अलग-अलग नियम हैं. ईसाइयों के भी अपने अलग धार्मिक कानून हैं. इसके अलावा किसी समुदाय में पुरुषों को कई शादी करने की इजाज़त है. किसी जगह पर विवाहित महिलाओं को पिता की संपत्ति में हिस्सा न देने का नियम है. समान नागरिक कानून लागू होने के बाद ये सभी नियम खत्म हो जाएंगे.

समान नागरिक के कानून के खिलाफ तर्क
एक बड़ा समान नागरिक कानून के खिलाफ है. कई राजनीतिज्ञों का मानना है कि ये इसके पीछे सांप्रदायिकता है. कुछ लोग तो और आगे जाकर इसे बहुसंख्यकवाद करार देते हैं.

संविधान के अनुच्छेद 25 में क्या लिखा है?
इस अनुच्छेद में कहा गया है कि कोई भी अपने हिसाब धर्म मानने और उसके प्रचार की स्वतंत्रता की रखता है.

समान नागरिक संहिता पर प्रमुख पार्टियों का रुख

    • साल 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में समान नागरिक कानून बनाने का वादा किया था..
    • अगस्त 2019 में शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि एनडीए में शिवसेना ने जो मुद्दे उठाए थे, उन्हें मोदी सरकार आगे बढ़ा रही है. इस पर ज्यादा बहस की जरूरत नहीं, यह देश हित का निर्णय है. 
    • अक्टूबर 2016 में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि समान नागरिक संहिता केवल मुस्लिमों से जुड़ा मुद्दा नहीं है. बल्कि पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों के लोग भी इसका विरोध करेंगे. भारत के बहुलतावाद और विविधता को बीजेपी खत्म कर देना चाहती है.

समान नागरिक संहिता पर सुप्रीम कोर्ट ने अब तक क्या कहा


समान नागरिक कानून लागू होने पर क्या-क्या बदल जाएगा, शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों पर कितना होगा असर?

    • साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश में अलग-अलग पर्सनल लॉ की वजह से उहापोह या भ्रम के हालात बने रहते हैं. सरकार अगर चाहे तो एक कानून बनकर ऐसी परिस्थितियां खत्म कर सकती है. क्या सरकार ऐसा करेगी? अगर आप ऐसा करना चाहते हैं तो आपको ये कर देना चाहिए?
    • साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत में अब तक समान नागरिक कानून लागू करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है. जबकि संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 44 में नीति निदेशक तत्व के तहत उम्मीद जताई थी कि भविष्य में ऐसा किया जाएगा.
    • साल 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि देश में यूनिफार्म सिविल कोड लागू होना चाहिए. जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह ने एक केस की सुनवाई के दौरान कहा कि अब भारत धर्म, जाति, समुदाय से ऊपर उठ चुका है. आधुनिक हिंदुस्तान में धर्म-जाति की बाधाएं भी खत्म हो रही हैं. इस बदलाव की वजह से शादी और तलाक में दिक्कत भी आ रही है. आज की युवा पीढ़ी इन दिक्कतों से जूझे यह सही नहीं है. इसलिए देश में समान नागरिक कानून लागू होना चाहिए.

समान नागरिक संहिता और भारत के राज्य

    • इसी साल मार्च में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सरकार गठन के बाद पहली कैबिनेट मीटिंग में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है.
    • अप्रैल 2022 में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने मांग की है कि पीएम  मोदी को पूरे देश में समान नागरिक कानून लागू करना चाहिए.
    • इसी साल अप्रैल में शिवपाल यादव ने कहा कि देश में समान नागरिक कानून लागू करने का सही समय आ गया है.
    • 22 अप्रैल  2022 को गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सीएए, राममंदिर, अनुच्छेद 370 और ट्रिपल तलाक के बाद अब बारी समान नागरिक कानून की है.

गोवा में समान नागरिक कानून में क्या है 

    • गोवा में साल 1965 से ही समान नागरिक कानून लागू है.
    • उत्तराधिकार, दहेज और विवाह के सम्बंध में हिन्दू, मुस्लिम और क्रिश्चियन के लिए एक ही कानून है.
    • कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को पूरी तरह अपनी संपत्ति से वंचित नहीं कर सकते हैं.
    • यदि कोई मुस्लिम अपनी शादी का पंजीकरण गोवा में करवाता है तो उसे बहुविवाह की अनुमति नहीं होगी.
    • गोवा में जन्मा कोई भी शख्स बहुविवाह नहीं कर सकता है. 

समान नागरिक कानून और धार्मिक मान्यताएं

  • समान नागरिक कानून को कई कट्टरपंथी धर्म पर हमला बताते हैं. हालांकि ऐसा बिलकुल नहीं है कि इस कानून के लागू हो जाने के बाद शादी-विवाह से जुड़े धार्मिक रीति-रिवाज पंडित या मौलवी नहीं करा पाएंगे.
  • किसी भी नागरिक के खान-पान, पूजा-इबादत और वेशभूषा पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

समान नागरिक कानून पर विधि आयोग की राय 
साल 2018 में इस मुद्दे पर बनाए गए एक विधि आयोग ने कहा है कि अभी समान नागरिक संहिता लाना मुमकिन नहीं है। इसकी बजाय मौजूदा पर्सनल लॉ में सुधार किया जाए. आयोग की ओर से कहा गया है कि मौलिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता में संतुलन बनाए रखने की जरूरत है.
सभी समुदायों के लिए एक नियम बनाए जाने से पहले समाज में स्त्री-पुरुष के अधिकारों में समानता लाने पर काम किया जाए.

पर्सनल लॉ बोर्ड क्यों करता है विरोध
समान नागरिक कानून का मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड विरोध करता रहा है. उसका मानना है कि ये मुसलमानों पर हिंदू धर्म थोपने जैसा है. अगर इसे लागू कर दिया जाए तो ये उसके अधिकारों को छीनने के बराबर होगा. मुसलमानों को तीन शादियां करने का अधिकार नहीं रहेगा. पत्नी को तलाक देने के लिए कानून का पालन करना होगा. शरीयत के हिसाब से जायदाद का बंटवारा नहीं होगा.

(इनपुट भाषा से भी)

 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

US-Israel Iran War Live: खामेनेई की मौत के बाद भी नहीं रुक रहा ईरान, अब केमिकल हथियार के इस्तेमाल की दी धमकी
Live: खामेनेई की मौत के बाद भी नहीं रुक रहा ईरान, अब केमिकल हथियार के इस्तेमाल की दी धमकी
US-Israel Iran Attack: खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में भी बवाल! अमेरिकी कॉन्सुलेट पर शिया समुदाय के लोगों ने किया हमला, 8 लोगों की मौत
खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में भी बवाल! अमेरिकी कॉन्सुलेट पर शिया समुदाय के लोगों ने किया हमला, 8 लोगों की मौत
Ayatollah Ali Khamenei Death: कई बड़े नेताओं के साथ चल रही थी मीटिंग और तभी हुआ अटैक, पढ़ें खामेनेई की मौत की इनसाइड स्टोरी
कई बड़े नेताओं के साथ चल रही थी मीटिंग और तभी हुआ अटैक, पढ़ें खामेनेई की मौत की इनसाइड स्टोरी
US-Israel Strike Iran: इजरायल-अमेरिका के हमले में खामेनेई की मौत, 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा, ईरानी मीडिया ने किया कंफर्म
इजरायल-अमेरिका के हमले में खामेनेई की मौत, 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा, ईरानी मीडिया ने किया कंफर्म

वीडियोज

US-Israel Iran War: ईरान में खामेनेई की मौत पर जश्न ! | Khamenei | Netanyahu | Trump
US-Israel Iran War: Khamenei की मौत के बाद Dubai में ईरानी सेना ने दागी मिसाइलें | Netanyahu
US-Israel Iran War:खामेनेई की मौत के बाद Donlad Trump की पहली प्रतिक्रिया | Khamenei | Netanyahu
US-Israel Iran War: 'शुक्रिया ट्रंप', Khamenei की मौत पर Reza Pahlavi का बयान | Netanyahu | Trump
US-Israel Iran War: इजरायल ने ईरान के 30 ठिकानों पर फिर किया हमला | Netanyahu | ALi Khamenei | Trump

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Ayatollah Ali Khamenei Death: कई बड़े नेताओं के साथ चल रही थी मीटिंग और तभी हुआ अटैक, पढ़ें खामेनेई की मौत की इनसाइड स्टोरी
कई बड़े नेताओं के साथ चल रही थी मीटिंग और तभी हुआ अटैक, पढ़ें खामेनेई की मौत की इनसाइड स्टोरी
नागपुर में विस्फोटक बनाने वाले कारखाने में धमाका, 17 लोगों की मौत, कई मजदूर घायल
नागपुर में विस्फोटक बनाने वाले कारखाने में धमाका, 17 लोगों की मौत, कई मजदूर घायल
वेस्टइंडीज के खिलाफ 'वर्चुअल क्वार्टर फाइनल' से पहले मंदिर पहुंचे भारतीय खिलाड़ी, देखें वीडियो
वेस्टइंडीज के खिलाफ 'वर्चुअल क्वार्टर फाइनल' से पहले मंदिर पहुंचे भारतीय खिलाड़ी
The Kerala Story 2 BO Day 1: द केरला स्टोरी 2 का पहले दिन धमाल, ओपनिंग डे पर ही रिकवर कर लिया बजट का इतने परसेंट
द केरला स्टोरी 2 का पहले दिन धमाल, ओपनिंग डे पर ही रिकवर कर लिया बजट का इतने परसेंट
US-Israel Strike Iran: इजरायल-अमेरिका के हमले में खामेनेई की मौत, 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा, ईरानी मीडिया ने किया कंफर्म
इजरायल-अमेरिका के हमले में खामेनेई की मौत, 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा, ईरानी मीडिया ने किया कंफर्म
Dubai Missile Attack: अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच ईरान के UAE पर ताबड़तोड़ हमले, दुबई समेत कई जगहों पर धमाके
अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच ईरान के UAE पर ताबड़तोड़ हमले, दुबई समेत कई जगहों पर धमाके
ईरान-इजरायल या मिडिल ईस्ट में फंसा है कोई अपना, इन नंबरों पर फोन कर पहुंचा सकते हैं मदद
ईरान-इजरायल या मिडिल ईस्ट में फंसा है कोई अपना, इन नंबरों पर फोन कर पहुंचा सकते हैं मदद
Kidney Damage Causes: किडनी का 'साइलेंट किलर', सिर्फ शुगर-बीपी नहीं, ये छिपी हुई आदतें भी कर रहीं किडनी को डैमेज
किडनी का 'साइलेंट किलर', सिर्फ शुगर-बीपी नहीं, ये छिपी हुई आदतें भी कर रहीं किडनी को डैमेज
Embed widget