रिचर्ड ओवरटन स्वेच्छा से सेना में 1942 में शामिल हुए थे और उन्होंने 188वें एविएशन इंजीनियर बटालियन में सेवाएं दीं. यह पूरी तरह से अश्वेत इकाई थी, जो प्रशांत के विभिन्न द्वीपों में सेवाएं देती है. साल 2013 में उन्होंने कहा था कि वह लंबे जीवन का श्रेय भगवान को देते हैं और उन्होंने कोई दवा नहीं ली और उसकी मर्जी से उन्होंने जीवन का आनंद लिया.
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि उन्हें युद्ध के बारे में सोचना या बात करना पसंद नहीं. उन्होंने बातचीत में कहा था कि वह सारा कुछ भूल चुके हैं. ओवरटन जब 107 साल के थे तब उन्होंने कहा था, "मैं अपनी कॉफी में व्हिस्की पीता था. कभी-कभी मैं इसे बगैर मिलाए पीता था."
ओवरटन लंबे समय तक ऑस्टिन, टेक्सास में रहे. वह रिचर्ड ओवरटन एवेन्यू स्ट्रीट में रहते थे. इस सड़क का नाम उनके नाम पर रखा गया था. टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबोट ने गुरुवार को एक बयान में ओवरटन को 'अमेरिकी आइकॉन व टेक्सास का लीजेंड बताया.'
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