Bangladesh Yunus government: बांग्लादेश की यूनुस सरकार चुन-चुनकर बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान से जुड़ीं निशानियों को मिटाने में जुटी हुई है. अब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान इंटरनेशनल पीस अवॉर्ड को भी रद्द कर दिया है. इस अवॉर्ड को शेख हसीना के नेतृत्व वाली आवामी लीग सरकार ने 10 महीने पहले ही मंजूरी दी थी.


ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, शेख हसीना सरकार ने यह पुरस्कार बंगबंधु की शांति और मानवता की विचारधारा को सम्मानित करने के लिए शुरू किया था, लेकिन मंगलवार (4 मार्च) को मोहम्मद यूनुस सरकार ने इसे बिना किसी वजह के बंद करने का फैसला कर दिया. 


10 महीने पहले शेख हसीना ने दी थी मंजूरी


आवामी सरकार ने 20 मई, 2024 को 'बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान शांति पुरस्कार' को मंजूरी दी थी. दुनिया में शांति स्थापित करने में योगदान देने वाले महत्वपूर्ण लोगों को यह अवॉर्ड दिया जाना था. आवामी सरकार ने यह अवॉर्ड हर दो साल में किसी व्यक्ति या संस्था को दिए जाने की घोषणा की थी, जिसने अंतरराष्ट्रीय शांति, युद्ध और संघर्ष समाप्ति या भूख और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो. 


पुरस्कार विजेता को क्या-क्या मिलता?


इस पुरस्कार के तहत विजेता को एक लाख डॉलर, 50 ग्राम वजन का सोने का मेडल और एक सर्टिफिकेट मिलने वाला था. हालांकि अबतक किसी को भी यह अवॉर्ड नहीं दिया गया और उससे पहले ही इसे खत्म कर दिया गया है.


यूनुस के फैसले ने खड़ा किया नया विवाद


यूनुस सरकार ने बंगबंधु के नाम पर दिए जाने वाले इस अवॉर्ड को खत्म करके नया विवाद खड़ा कर दिया है. इस फैसले से मोहम्मद यूनुस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह बांग्लादेश में बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान और शेख हसीना से जुड़ी कोई भी निशानी देश में नहीं रहने देंगे.


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