Dogs Can Detect Your Stress: आप परेशानी में हो तो शायद आपका करीबी भी इसका सटीक पता न लगा पाएं, लेकिन कुत्ता इस मामले में अनोखा जानवर है. वह आपके पसीने और सांसों के जरिए आपके तनाव (Stress) का स्तर भांप सकता हैं. क्वीन यूनिवर्सिटी बेलफास्ट (Queen's University Belfast) के शोधकर्ताओं ने इस बात का खुलासा किया है. इनके शोध में पता चला है कि कुत्ते इंसान में आ रहे हैं मानसिक बदलावों को पकड़ने में माहिर होते हैं. इससे कुत्ते आसानी से पता लगा सकते हैं कि कोई शख्स तनाव में है या नहीं. 


पहचान लेता है इंसान की अलग-अलग गंध


क्वीन यूनिवर्सिटी बेलफास्ट के एक शोधकर्ता के मुताबिक इंसान अपने पसीने और सांसों (Sweat And Breath) के जरिए अलग-अलग तरह की गंध छोड़ता है. जब इंसान तनाव में होता है तो ये गंध उसके सामान्य स्थिति में होने से अलग होती है. इसी गंध को कुत्ता आसानी से पकड़ लेता है. वह ये पता उस शख्स में भी आसानी से लगा लेता है जिसे की वो जानता तक नहीं है. क्वीन यूनिवर्सिटी में की गई एक नई स्टडी के मुताबिक कुत्ते इंसान के पसीने और सांसों से उसके तनाव में होने का पता लगा लेते हैं.


इस शोध के नतीजों को प्लोस वन (PLOS ONE) में प्रकाशित किया गया है. ये स्टडी मनोविज्ञान स्कूल में पीएचडी शोधकर्ता क्लारा विल्सन (Clara Wilson) और एमएससी छात्रा केरी कैंपबेल (Kerry Campbell) ने की है. ये स्टडी कैथरीन रीव (Catherine Reeve) के निर्देशन में की गई. इसके लिए इंसानी शारीरिक नूमनों को इकट्ठा करने में मनोविज्ञान स्कूल डॉ ज़ाचरी पेट्ज़ेल (Zachary Petzel) ने मदद की. 


बेलफास्ट के 4 कुत्ते


इंसानों में तनाव का आसानी से पता लगाने की कुत्तों की क्षमता जांचने के लिए शोधकर्ताओं ने बेलफास्ट के ही 4 कुत्तों को चुना. इन कुत्तों में ट्रेओ, फिंगल, सूट और विनी ने स्टडी में भाग लिया. इसके साथ 36 लोगों को भी इसमें शामिल किया गया. इन 36 लोगों के शोधकर्ताओं ने पसीने और सांस के नूमने इकट्ठे किए.  गणित के एक कठिन सवाल को हल करने से पहले इन लोगों से ये नूमने लिए गए थे. उन्होंने खुद ही कठिन सवाल को हल करने से पहले और बाद के अपने तनाव के बारे में शोधकर्ताओं को बताया. इसमें शोधकर्ताओं ने केवल उन नमूनों का इस्तेमाल किया जहां लोगों का रक्तचाप (Blood Pressure) और हृदय गति (Heart Rate) बढ़ गई थी.


कुत्तों को सिखाया गया था कि कैसे लोगों में एक गंध को तलाशकर वो शोधकर्ताओं को सही नमूने के बारे में बताएं. इस दौरान कुत्तों को इंसान के तनाव और आराम के पलों के नमूने पेश किए गए थे. हालांकि तब  शोधकर्ताओं को यह नहीं पता था कि इन दोनों हालातों की गंध में कोई फर्क है, जिसे कुत्ते पहचान सकते हैं. हर सेशन में कुत्ते को एक इंसान के तनाव और आराम दोनों हालातों के नूमने दिए गए. यह काबिलेतारीफ था की केवल 4 मिनट के अंदर ही सभी कुत्तों ने शोधकर्ताओं को तनाव में रहने वाले शख्स के नूमनों के बारे में बता दिया. 


बगैर ऑडियो या विजुएल बता देते हैं स्ट्रेस


क्वींस स्कूल ऑफ साइकोलॉजी में पीएचडी छात्र क्लारा ने कहा, "निष्कर्ष बताते हैं कि जब हम तनावग्रस्त होते हैं तो हम इंसान हमारे पसीने और सांस के जरिए अलग-अलग गंध पैदा करते हैं और कुत्ते आराम से हमारी इस गंध के फर्क को बता सकते हैं - भले ही उस शख्स को वे नहीं जानते हों."


इस स्टडी में ये भी खुलासा हुआ कि कुत्तों को इंसान में तनाव का स्तर पता करने के लिए किसी ऑडियो या विजुएल की जरूरत नहीं होती है. यह अपनी तरह की पहली स्टडी है और यह सबूत देती है कि कुत्ते अकेले सांस और पसीने से ही इंसान में तनाव को सूंघ सकते हैं. ये स्टडी सर्विस डॉग्स और थैरेपी डॉग्स (Therapy Dogs) की ट्रेनिंग में बेहद उपयोगी हो सकती है. ये स्टडी इंसान और कुत्ते के रिश्तों को और अधिक बेहतर तरीके से समझने में भी मदद करती है और हमको ये समझाती है कि किस तरह से कुत्ते इंसान की मनोवैज्ञानिक अवस्थाओं का मतलब समझ सकते और उसकी पहचान कर सकते हैं."


ट्रेओ के मालिक भी उत्सुक


इस स्टडी में भाग लेने वाले सुपर स्निफर कैनाइन (Sniffer Canines) में से एक दो साल कॉकर स्पैनियल (Cocker Spaniel) ट्रेओ था. उसके मालिक हेलेन पार्क्स (Helen Parks) कहते हैं, "एक कुत्ते के मालिक के तौर पर उसके सूंघने में माहिर होने की काबिलियत जानने के लिए हम ट्रेओ (Treo) के स्टडी में भाग लेने से खुश और उत्सुक थे. जब हम उसे क्वींस यूनिवर्सिटी छोड़कर आए तो हमें हर हफ्ते नतीजे सुनने का बेसब्री से इंतजार रहता था. वह क्वींस यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं को देखने के लिए हमेशा इतना उत्साहित रहता था और प्रयोगशाला में अपना रास्ता खोज सकता था."


मनोविज्ञान स्कूल की केरी कैंपबेल ने कहा, "इस स्टडी ने हमें दुनिया को देखने की कुत्ते की नाक की क्षमता का इस्तेमाल करने के बारे में और अधिक जागरूक बनाया है. हमारा मानना ​​​​है कि इस स्टडी ने वास्तव में घर पर भावनाओं में बदलाव को महसूस करने की ट्रेओ की क्षमता विकसित की है. स्टडी ने हमारे इस यकीन को मजबूत किया कि कुत्ते अत्यधिक संवेदनशील हैं और सहज ज्ञान वाले जानवर और वे जो सबसे अच्छा करते हैं उसका इस्तेमाल करने का बहुत अधिक मूल्य है यानी सूंघना!"


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