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लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद भी ऋषि सुनक की राह आसान नहीं, जानिए कहां है रोड़ा?

यूके प्रधानमंत्री पद से लिज़ ट्रस के इस्तीफा देने के बाद से ही उनकी जगह लेने के लिए ऋषि सुनक का नाम भी फिर से चर्चा में आने लगा है. इस पद फैसला आने वाले सप्ताह के आखिर तक होने की पूरी उम्मीद है.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से लिज़ ट्रस ने गुरुवार 20 अक्टूबर को इस्तीफा दे दिया है. इससे साफ हो गया है कि अगले कंजर्वेटिव नेता और प्रधानमंत्री के लिए अब एक और चुनाव होगा. ट्रस की जगह कौन लेगा इसका फैसला आने वाले सप्ताह के आखिर तक होने की पूरी उम्मीद है. 

इससे साफ है कि पीएम की इस दौड़ में 3 से अधिक लोग शामिल नहीं हो पाएंगे. इसकी वजह टोरी सांसदों की संख्या है. टोरी सांसदों की संख्या 357 हैं. वास्तविक तौर पर देखा जाए तो इस पद के लिए दो उम्मीदवार होने की संभावना है या एक भी हो सकता है. अभी इस पद पर खड़े होने को लेकर किसी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है. इसके बाद भी ऋृषि सुनक का नाम सबसे पहले लिया जा रहा है. बावजूद इसके इस बार भी सुनक की पीएम पद तक पहुंचने की राह आसान नहीं है. 

सुनक अहम दावेदार

ऋषि सुनक का नाम लिज ट्रस से पहले ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की दौड़ में था. शुरुआत में बोरिस जॉनसन की जगह उन्हें पीएम के तौर पर देखा जा रहा था. उन्हें कंज़र्वेटिव सांसदों से सबसे अधिक समर्थन हासिल करते हुए इस पद के चुनाव के लिए लिज ट्रस के साथ आखिरी दौर में जगह भी बनाई थी, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. अब लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद दोबारा से उनका नाम इस पद के लिए आगे आ रहा है. इस बार भी वह ब्रिटेन के इस अहम पद की दौड़ में है, लेकिन अभी भी उनके लिए पीएम पद की राहें मुश्किल ही है.

अपने पीएम पद के चुनावी अभियान के दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि उनके प्रतिद्वंद्वी की कर योजनाओं (Tax Plans) से अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा, लेकिन उनका संदेश पार्टी के सदस्यों को अपील करने में नाकाम रहा और वह 21,000 वोट से हार गए. आखिर  उनकी चेतावनी सही साबित हुई और लिज को पद से इस्तीफा देना पड़ा. सुनक साल 2015 में रिचमंड के उत्तरी यॉर्कशायर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बने. वेस्टमिंस्टर के बाहर कुछ ही लोगों ने उसके बारे में सुना था. वह  फरवरी 2020 तक राजकोष के चांसलर रहे थे.

इस दौरान कोरोनोवायरस महामारी के लॉकडाउन के दौरान अर्थव्यवस्था को बचाए रखने की कोशिश में उन्होंने बहुत अधिक पैसा खर्च किया. इससे उनकी लोकप्रियता में खासा इजाफा हुआ. इसके बाद उनकी पत्नी के टैक्स के मामलों में विवाद की वजह से उनकी ये छवि बिगड़ी और उन पर लॉकडाउन कायदों को तोड़ने पर जुर्माना लगा.

कंजरवेटिव पार्टी सांसद एंजेला रिचर्डसन ने उन्हें पहले ही समर्थन का वादा करते हुए कहा है: " गर्मियों में ऋषि सुनक के नेतृत्व का समर्थन करने के बाद, उनकी योग्यता पर मेरे विचार नहीं बदले हैं. अगर कुछ भी हो, तो पिछले छह हफ्तों ने उन्हें और भी तेजी से इस पद के लिए आगे किया है. "

टोरी की पंसद जॉनसन

ब्रिटेन के पीएम पद पर नेतृत्व की दौड़ में ट्रस से हारे सुनक उनके इस्तीफे के बाद इस पद के अहम  दावेदार के तौर पर देखे जा रहे है. हालांकि  कंज़र्वेटिव पार्टी में टोरी रैंकों के अंदर गहरी अंदरूनी कलह की वजह से अभी  तस्वीर बेहद अनिश्चित बनी हुई है. पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के वफादारों का मानना ​​​​है कि 2019 के आम चुनाव से उनके ठोस चुनावी जनादेश को देखते हुए पार्टी को उन्हें वापस लाना चाहिए.

हालांकि, ट्रस की मौजूदा परेशानियां इस बात की याद दिलाती हैं कि कैसे जॉनसन को पद से हटा दिया गया और जुलाई की शुरुआत में उनके खुद के सांसदों और मंत्रियों के खुले विद्रोह के बढ़ती संख्या के बीच इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया. इधर बोरिस जॉनसन के करीबी सूत्रों अभी न तो उनके इनकार की बात और न ही चुनाव में फिर खड़े होने की बात  की पुष्टि की है.

पूर्व प्रधानमंत्री जॉनसन समर्थक उन पर वापसी के लिए दबाव डाल रहे हैं. कंज़र्वेटिव पार्टी के सूत्रों के मुताबिक व्यापार सचिव जैकब रीस-मोग सांसद सहयोगियों को जॉनसन को नामित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. 

डेली टेलीग्राफ ने जॉनसन के एक सहयोगी के हवाले से कहा कि वह अपने पूर्व चांसलर सुनक को लेकर अपनी असहमति खत्म करने की पेशकश कर सकते हैं. गौरतलब है कि सुनक के इस्तीफे ने जॉनसन के पतन में अहम योगदान दिया था.उधर कंजर्वेटिव होम वेबसाइट के संस्थापक टिम मोंटगोमेरी कहते हैं कि लोगों को बोरिस जॉनसन के नेतृत्व अभियान (पीएम पद) की बातों बेहद गंभीरता से लेना चाहिए. 

वह कहते हैं,  "मैंने पिछले 24 घंटों में अपनी राय बदल दी है. अब मैं दो या तीन लोगों से सुन रहा हूं जिनका मैं वास्तव में सम्मान करता हूं, जो आमतौर पर संख्या में बहुत अच्छे हैं कि वह (बोरिस जॉनसन) न केवल 100 सांसदों की सीमा को पार कर सकते हैं, बल्कि 140 के करीब की संख्या को हासिल भी कर सकते हैं." उन्होंने कहा कि जॉनसन टोरी पार्टी के सदस्यों के बीच लोकप्रिय हैं, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने कभी भी कंजर्वेटिव पार्टी को इतने बंटे हुए रूप में नहीं देखा जितना कि मौजूदा वक्त में है.

पूर्व पीएम जॉनसन पर भी बंटी राय

हालांकि कुछ सांसद इससे इतर राय भी रखते हैं. टोरी सांसद जॉन बैरन ने कहा कि जॉनसन की नई सरकार में काम करना मुश्किल होगा होगा और उन्होंने सुझाव दिया कि वह इसके बजाय अलग हो जाएंगे. इस वक्त जॉनसन कैरेबियन में छुट्टियां मना रहे हैं. उन्हें इस साल जुलाई में कंजर्वेटिव नेता के तौर पर इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था.

वहीं कुछ वरिष्ठ कंज़र्वेटिव ने कहा है कि अगर जॉनसन पीएम पद पर दोबारा चुने जाते हैं तो वो इसकी खिलाफत कर उपचुनाव कराने पर विचार करेंगे. उधर कैबिनेट कार्यालय के मंत्री ब्रेंडन क्लार्क-स्मिथ ने जोर देकर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एक विजेता थे जो अपनी पार्टी की किस्मत को पलट सकते थे.

स्मिथ ने कहा,"हम किसी ऐसे व्यक्ति को देख रहे हैं जिसके पास सामान्य मतदाता है, सदस्यता है, वह एक विजेता है. उन्होंने ऐतिहासिक 80-सीट का बहुमत दिया. हमें किसी ऐसे शख्स की जरूरत है जो पार्टी को एकजुट कर सके, हमें चुनाव में वापस ला सके और एक विजेता बन सकें और बोरिस जॉनसन उन सभी पर खरे उतरते हैं."

दावेदारों के नाम

ब्रिटेन के पीएम पद के दावेदारों के तौर पर कुछ नाम और हैं, लेकिन उनकी तरफ से पीएम पद का चुनाव लड़ने की पुष्टि नहीं हुई है. इनमें रक्षा सचिव बेन वालेस, अंतरराष्ट्रीय  व्यापार सचिव केमी बैडेनोच, विदेश सचिव जेम्स क्लेवर्ली, न्याय सचिव ब्रैंडन लुईस और बुधवार को गृह सचिव के पद से इस्तीफा देने वाली सुएला ब्रेवरमैन शामिल हैं.

माइकल गोव और टॉम तुगेंदहट, जो गर्मियों में जो पीएम पद की आखिरी दावेदारी में थे इस बार उन्होंने इससे बाहर रहने का फैसला किया है. बर्विकशायर, रॉक्सबर्ग और सेल्किर्क के सांसद जॉन लैमोंट ने कहा कि वह अगले नेता बनने के लिए पेनी मोर्डेंट का समर्थन कर रहे थे, उन्होंने कहा. "मुझे बहुत उम्मीद है कि वह चुनाव में खड़े होने का फैसला करेंगी."

उन्होंने कहा,"उनमें न केवल देश को एकजुट करने और पार्टी को एकजुट करने की क्षमता है, बल्कि वास्तव में हमें आगे बढ़ाने की क्षमता है. वह हम सभी को एक साथ ला सकती है, वह सभी अलग-अलग प्रतिभाओं और कौशलों को कैबिनेट में ला सकती है और इस देश को आगे बढ़ा सकती हैं."

अब आगे क्या

अब यह 1922 की समिति के सर ग्राहम ब्रैडी पर निर्भर करता है कि वह ट्रस के उत्तराधिकारी को खोजने के लिए जल्द चुनाव करवाएं. इस उत्तराधिकारी को अगले शुक्रवार तक चुना जा सकता है.  पार्टी के नियमों के तहत नेतृत्व के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए  100 सांसदों का समर्थन हासिल करना होगा.

357 कंजर्वेटिव सांसद हैं यानी अधिकतम 3 उम्मीदवार खड़े हो सकते हैं. उम्मीदवारों का नामांकन सोमवार को बंद हो जाएगा और सांसदों का पहला वोट उसी दिन होगा.  सांसदों के बीच पहला मतदान होगा और 3 उम्मीदवारों के होने पर सबसे कम वोट वाले शख्स को हटा दिया जाएगा.

यदि दूसरे मतदान की जरूरत होती है तो सांसद सांकेतिक मत के माध्यम से संकेत कर सकेंगे कि वे किसे पसंद करते हैं और अगर दोनों उम्मीदवार दौड़ में बने रहने का विकल्प चुनते हैं, तो आखिरी फैसला ऑनलाइन वोट के जरिए पार्टी के सदस्यों के पास जाएगा. 

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