Rodrigo Duterte: अमेरिका में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय संस्थानों पर निशाना साध रहे हैं. इसी कड़ी में अब व्हाइट हाउस ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के बजट में कटौती करने की बात कही है. अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह अब आईसीसी को एक भी डॉलर की आर्थिक मदद नहीं देना चाहता. राष्ट्रपति ट्रंप ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट को अप्रभावी बताते हुए इसका मजाक उड़ाया था.
इधर, इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के जारी वारंट के बाद फिलीपींस की सरकार ने देश के पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते को गिरफ्तार कर लिया है. दुतेर्ते के खिलाफ आईसीसी ने मानवाधिकार उल्लंघन और अपराधों के मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.
माने जाते हैं ट्रंप के करीबी
वैश्विक मंच पर रोड्रिगो दुतेर्ते को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी माना जाता है. दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध रहे हैं और ट्रंप के कार्यकाल के दौरान अमेरिका और फिलीपींस के संबंधों में काफी मजबूती देखी गई थी. 2020 में दुर्तेते ने कहा था कि ट्रंप को दोबारा चुनकर आना चाहिए, जिससे दुनिया का कल्याण हो सके.
हालांकि, अमेरिका में 2020 के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की हार के बाद 2022 में फिलीपींस में हुए चुनाव में रोड्रिगो दुतेर्ते भी सत्ता से बाहर हो गए. चुनाव हारने के बाद से ही दुतेर्ते राजनीतिक रूप से हाशिये पर चले गए थे. लेकिन जब 2024 में ट्रंप ने अमेरिका में फिर से राष्ट्रपति पद हासिल किया, तो दुतेर्ते को उम्मीद थी कि उनके लिए भी अच्छे दिन लौट आएंगे. दुतेर्ते को भरोसा था कि ट्रंप के दोबारा सत्ता में आने के बाद उन्हें फिर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन मिलेगा और उनके राजनीतिक भविष्य को नई दिशा मिल सकती है. लेकिन इसी बीच इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के एक वारंट ने उनके सभी मंसूबों पर पानी फेर दिया.
लगे थे ये आरोप
दुतेर्ते पर राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ड्रग्स के खिलाफ अभियान के नाम पर बड़े पैमाने पर हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन कराने के गंभीर आरोप हैं. जब रोड्रिगो दुतेर्ते फिलीपींस के राष्ट्रपति थे, तब उन्होंने देश को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए कई अभियान चलाए. लेकिन इन अभियानों के दौरान उनकी सेना और सुरक्षा बलों ने हिंसक रवैया अपनाया, जिसमें हजारों लोगों की जान गई.
आरोप है कि दुतेर्ते के आदेश पर पुलिस और सेना ने बिना किसी जांच के कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया. यह मामला इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) तक पहुंचा, जहां मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने दुतेर्ते के खिलाफ वारंट जारी कर दिया और इंटरपोल के जरिए फिलीपींस सरकार को यह वारंट भेजा गया.
अब फिलीपींस की मौजूदा सरकार ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के वारंट के आधार पर दुतेर्ते को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, इस गिरफ्तारी के पीछे सियासी खेल होने के भी दावे किए जा रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि फिलीपींस के वर्तमान राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर (बी. मार्कोस) ने अपने सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी दुतेर्ते को रास्ते से हटाने के लिए यह चाल चली है.