Israel Hamas Ceasefire: गाजा में रविवार (19 जनवरी, 2025) को फिलिस्तीन के ग्रुप हमास ने युद्ध विराम लागू होने के बाद तीन इजरायली बंधकों को रेड क्रॉस को सौंप दिया. तीनों ही बंधक महिलाएं हैं. हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इजरायल लौटने से पहले तीन महिलाओं को गाजा शहर में आधिकारिक तौर पर रेड क्रॉस को सौंप दिया गया था. उन्हें 471 दिन कैद में बिताने के बाद रिहा किया गया है.
न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, तेल अवीव में रक्षा मुख्यालय के बाहर एक बड़ी सी स्क्रीन पर तीन महिला बंधकों को हथियारबंद हमास के लोगों से घिरे एक वाहन से बाहर निकलते हुए दिखाया गया. वहीं इस मौके पर हजारों इजरायली लोग खुशी मना रहे थे, गले मिल रहे थे और रो रहे थे. बंधकों को रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति के वाहनों में चढ़ाया गया, जबकि लड़ाकों की भीड़ हमास के नाम के नारे लगा रही थी.
क्या बोला आईडीएफ
इजरायली रक्षा बल आईडीएफ ने कहा कि तीन बंधकों को सौंप दिया गया है और इनकी मेडिकल जांच की जाएगी. सेना ने एक बयान में कहा, "रिहा किए गए तीनों बंधकों को आईडीएफ विशेष बल और आईएसए बल के साथ इजरायली क्षेत्र में वापस भेजा जा रहा है, जहां उनका मेडिकल किया जाएगा."
इस बीच इजरायल के कब्जे वाले पश्चिमी तट पर बसें इजरायली हिरासत से फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई का इंतजार कर रही थीं. हमास ने कहा कि बंधकों के बदले रिहा होने वाले पहले ग्रुप में 69 महिलाएं और 21 टीनएज लड़के शामिल हैं.
कौन हैं रिहा हुईं तीन बंधक महिलाएं
हमास ने जिन तीन महिलाओं को छोड़ा है उनमें 24 साल की रोमी गोनेन का नोवा संगीत समारोह से अपहरण किया गया था, 28 साल की एमिली डमारीर और 31 साल की डोरोन स्टीनब्रेचर को किबुत्ज कफर अजा से अपहरण कर लिया गया था.
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