Emmanuel Macron and India: फ्रांस में इमैनुअल मैक्रों की दोबारा जीत कैसे है भारत और मोदी सरकार के लिए ‘Victory’?
Emmanuel Macron: इमैनुअल मैक्रों दूसरी बार फ्रांस के राष्ट्रपति बन गए हैं. इस चुनाव पर भारत की भी नजर थी.आइए जानते हैं मैक्रों की जीत कैसे नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के लिए विक्ट्री साबित होगी.
Emmanuel Macron Second Innings: इमैनुअल मैक्रों चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर लगातार दूसरी बार फ्रांस के राष्ट्रपति बन गए हैं. इस चुनाव नतीजों पर भारत सरकार की भी नजर बनी हुई थी. अब जबकि मैक्रों ने जीत हासिल कर ली है तो मोदी सरकार राहत की सांस ले रही होगी. दरअसल मैक्रों के जीत के भारत के लिए कई मायने हैं. इसी वजह से भारत के कई राजनीतिक विश्लेषक इस चुनाव पर नजर गड़ाए हुए थे. आइए जानते हैं मैक्रों की जीत कैसे नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के लिए विक्ट्री साबित होगी.
पीएम नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
मैक्रों को दूसरी बार जीतने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी. उन्होंने ट्विटर पर उन्हें बधाई देते हुए लिखा ‘‘ फ्रांस का दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के लिए मेरे मित्र इमैनुएल मैक्रों को बधाई. मैं भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने के लिए उनके साथ काम करने को उत्सुक हूं.''
पहले से और मजबूत होंगे संबंध
दरअसल मैक्रों के दौर में भारत के संबंध फ्रांस के साथ बहुत मजबूत हुए हैं. उन्हीं के शासनकाल में भारत ने फ्रांस के साथ राफेल डील की थी. यह डील भारत के रक्षा तंत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है. मैक्रों नरेंद्र मोदी को अपना अच्छा दोस्त मानते हैं ऐसे में दोनों सत्ता में रहेंगे तो दोनों देशों के बीच संबंध और बेहतर बनेंगे.
दूसरे देशों के सामने भारत का ले सकता है पक्ष
क्योंकि मोदी और मैक्रों के रिश्ते अच्छे हैं, ऐसे में वह रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत की तटस्था को समझता है. अमेरिका और उसके कुछ सहयोगी देश लगातार भारत पर रूस के खिलाफ जाने का दबाव बना रहे हैं. ऐसी स्थिति में मैक्रों का रोल भारत के लिए अहम हो सकता है. वह यूरोप में दूसरे देशों को भारत के पक्ष में कर सकते हैं.
रक्षा के क्षेत्र में भी हो सकती है डील
भारत अब रक्षा यानी हथियारों को लेकर किसी एक देश जैसे रूस या अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहता. यही वजह है कि पिछले कुछ साल में उसने कई देशों के साथ डील की है. उसी में एक फ्रांस भी है. दोनों देशों के बेहतर संबंध से आगे भी राफेल जैसी डील होने की संभावना बनी रहेगी.
ये भी पढ़ें
Egypt: मिस्र सरकार ने ईद से पहले 41 कैदियों को किया रिहा, राजनीतिक कार्यकर्ता और पत्रकार भी शामिल