नई दिल्ली: भारत ने पेटेंट दाखिल करने वाले दूसरे बड़े देशों की तुलना में कम संख्या में पेटेंट दाखिल किए. इसकी जानकारी केंद्र सरकार ने लोकसभा में दी. हरि मांझी और पी के बिजू के एक सवाल के जवाब में विज्ञान और तकनीकी राज्यमंत्री वाई एस चौधरी ने बताया कि विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ), 2016 के आंकड़े के मुताबिक भारत ने महज 45 हजार 658 अनुसंधान पत्र (पेटेंट) रजिस्टर्ड कराए.
उन्होंने बताया कि इस दौरान चीन ने 11 लाख 1864, अमेरिका ने पांच लाख 89 हजार 410, जापान ने तीन लाख 18 हजार 721, कोरिया गणराज्य ने दो लाख 13 हजार 694 पेटेंट दाखिल किए.
वाई एस चौधरी ने कहा, भारत द्वारा कम संख्या में पेटेंट संबंधी आवेदन दाखिल करने की मुख्य वजह निजी क्षेत्र द्वारा रिसर्च और विकास पर कम खर्च तो हैं ही इसके अलावा पेटेंट सिस्टम, व्यक्तियों, शैक्षिक संस्थाओं और इंडस्ट्री होने वाले फायदों की जानकारी न होना भी इसकी एक वजह है.
साथ ही उन्होंने कहा कि डब्ल्यूपीओ के आंकड़ों के मुताबिक भारत में दायर किए गए स्वदेशी और विदेशी पेटेंटों की प्रति मिलियन संख्या अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है.