Indian Navy operation: इंडियन नेवी ने फिर बचाई पाकिस्तानी मछुआरों की जान, चीन-पाकिस्तान की बढ़ गई टेंशन
Indian Navy Pakistan: इंडियन नेवी ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए भारतीय युद्धपोत आईएनएस सुमेधा का इस्तेमाल किया. भारत का यह लड़ाकू जहाज गाइडेड मिसाइल आईएनएस त्रिशूल से लैस है.

Pakistani Fishermen: भारतीय नौसेना ने सोमालिया के समुद्री लुटेरों से एक बार फिर पाकिस्तानी मछुआरों की जान बचाई है. लाल सागर में हूती हमलों के बीच सोमालिया के समुद्री लुटेरों ने जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को अरब सागर में भारतीय नौसेना ने ईरान की मछली पकड़ने वाली जहाज अल कामबार 786 और उसके 23 पाकिस्तानी चालक दल को बचाया है. इंडियन नेवी ने बताया कि सोकोत्रा के पास 9 हथियारबंद सोमालियाई लुटरों ने ईरानी जहाज पर कब्जा कर लिया था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अरब सागर में भारतीय नौसेना ने करीब 12 घंटे तक कार्रवाई की, जिसके बाद सोमालिया के लुटेरे आत्मसमर्पण के लिए मजबूर हो गए. इंडियन नेवी ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए भारतीय युद्धपोत आईएनएस सुमेधा का इस्तेमाल किया. भारत का यह लड़ाकू जहाज गाइडेड मिसाइल आईएनएस त्रिशूल से लैस है. भारत की अरब सागर में इस कार्रवाई के बाद चीन और पाकिस्तान दोनों ही देश टेंशन में आ गए हैं.
भारत ले रहा तलाशी
भारतीय नौसेना ने बताया कि पाकिस्तान के सभी 23 समुद्री मछुआरे सुरक्षित हैं. अरब सागर में इंडियन नेवी संकल्प अभियान चला रही है, जिसके तहत अदन की खाड़ी और इसके आसपास के इलाके में भारत ने कई जहाज और सबमरीन तैनात किए हैं. इस इलाके में हूती विद्रोही लगातार हमला कर रहे हैं, जिसको देखते हुए भारत ने अदन की खाड़ी में निगरानी शख्त कर दी है. नौसैना की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि भारतीय नौसेना लगातार मछली पकड़ने वाली जहाजों की तलाशी ले रही है, ताकि इनको सुरक्षित क्षेत्र में लाया जा सके. इसी वजह से चीन और पाकिस्तान टेंशन में आ गए हैं.
इन देशों में चीन हो रहा मजबूत
इससे पहले भी भारत के मर्कोस कमांडो ने पैराशूट से कूदकर बड़ी संख्या में सोमालियाई लुटेरों को पकड़ा था. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह कार्रवाई वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है. माना ये जा रहा है कि यह सारे कदम भारत चीन के खिलाफ उठा रहा है, क्योंकि चीन हिंद महासागर से जुड़े कई देशों में आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत कर रहा है. चीन इस समय श्रीलंका, मालदीव, बांग्लादेश और जिबूती में कई प्रोजेक्ट चला रहा है.
चाइना की क्यों बढ़ी चिंता
चाइना ने साल 2017 में जिबूती में अपना सैन्य अड्डा बना दिया है, जिसकी वजह से भारत की चिता बढ़ गई है. आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ भारत भी अब हिंद महासागर में नेवी को मजबूत कर रहा है. भारत इस तरह के सैन्य अभियान से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है. हाल के दिनों विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि हम एक जिम्मेदार देश होने के नाते इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं, इससे दुनिया भारत की ताकत का एहसास भी कर रही है. ऐसी कार्रवाई से पाकिस्तान की भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उसे अपने ही देश में आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.
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