एक्सप्लोरर

शादियां कम हो रही हैं, लेकिन बढ़ गई 'दुल्हनों की कीमतें'

'ब्राइड प्राइस' चीन की एक परंपरा है जिसमें शादी के दौरान लड़के वाले लड़की वालों को 'दहेज' देते हैं. इसे कैली भी कहा जाता है.

दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश चीन अब घटती आबादी से परेशान है. लगातार कम हो रही जनसंख्या को फिर से बढ़ाने के लिए इस देश में आए दिन नए-नए कानून बनाए जा रहे हैं. हाल ही में चीनी सरकार ने अपने देश के लोगों को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने और शादी के लिए प्रेरित करते हुए 'ब्राइड प्राइस' नाम की परंपरा को खत्म कर दिया था. 

महंगी शादियों के खिलाफ अब लोगों को जागरूक करने के लिए स्थानीय सरकार भी अलग-अलग तरीके के कई कदम उठा रही है. इसी जागरूकता अभियान के तहत दक्षिण-पूर्व चीन के एक कस्बे दाइजियापु के स्थानीय सरकार ने एक समारोह का आयोजन किया.

इस इवेंट में एक साथ 30 महिलाओं को एक जगह बुलाया गया, उन्हें आमने-सामने बिठाते हुए ये शपथ दिलाया गया कि वह अपनी शादी के दौरान 'ब्राइड प्राइस' के परंपरा का पालन नहीं करेंगी. यानी इस परंपरा को खत्म कर देंगी. अधिकारियों ने सबूत के तौर पर इन महिलाओं और उनके परिवार से हस्ताक्षर भी करवाए.

स्थानीय सरकार ने इस साल की शुरुआत में इस समारोह को लेकर अपनी वेबसाइट पर एक नोटिस भी जारी किया था. जिसमें कहा गया कि उन्हें उम्मीद है कि लोग इस तरह के पिछड़े रीति-रिवाजों को छोड़ देंगे और एक नई परंपरा की शुरुआत करने में हमारा सहयोग करेंगे. 

इस समारोह से नाराज हुई आम जनता 

हालांकि इस समारोह का वीडियो सोशल मीडिया वायरल होने के बाद, टिप्पणी करने वालों की झड़ी लग गई. लोगों ने इस कदम को महिला विरोधी करार दिया. उन्होंने कहा कि इस समस्या को हल करने का बोझ महिलाओं पर क्यों आ गया. कुछ यूजर्स ने कमेंट करते हुए कहा कि अधिकारियों को पुरुषों के लिए भी इसी तरह की बैठक आयोजित करनी चाहिए ताकि उन्हें यह सिखाया जा सके कि शादी में समानता कैसे लाएं. 

आखिर क्या है ब्राइड प्राइस 

दरअसल 'ब्राइड प्राइस' चीन की एक परंपरा है जिसमें शादी के दौरान लड़के वाले लड़की वालों को 'दहेज' देते हैं. इसे कैली भी कहा जाता है. इसके अलावा चीन में शादी के रीति-रिवाज इतनी जटिल है कि इसे पूरा करने में ही लगभग साल भर का समय लग जाता है. चीन में विवाह की प्रक्रिया इतनी महंगी है कि लोगों की सालाना कमाई का 10 गुना सिर्फ शादी के रस्मों और रीति रिवाजों में ही खर्च हो जाता है.

जानकारों का कहना है कि चीन में वन चाइल्ड पॉलिसी के बाद महिलाओं की संख्या में कमी आ गई. इसके बाद शादी के लिए लड़की के घरवाले ज्यादा धन की मांग करने लगें.

इस परंपरा का होता रहा है

विरोध ब्राइड प्राइस के इस परंपरा का कई बार विरोध भी हो चुका है. चीन के पढ़े लिखे लोगों, खासकर शहरों में रहने वाले लोग इसे पितृसत्तात्मक अवशेष के रूप में देखते हैं जिसमें महिलाओं को दूसरे घरों में बेची जा रही संपत्ति के रूप में देखा जाता था.  

चीन के ग्रामीण इलाकों में इस प्रथा का चलन इतना ज्यादा है कि कई गरीब परिवार को शादी करने के लिए कई सालों की आय बचानी पड़ती है या अगर वो शादी करते हैं तो सालों तक कर्ज में डूब जाना पड़ता है.
जनसंख्या बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से ये कदम उठाए गए 

इस देश में कई जगहों पर ज्यादा बच्चे पैदा करने पर सरकार की तरफ से इनाम देने की भी घोषणा की गई है.  शादीशुदा जोड़े जो लोगों को छुट्टियां भी ज्यादा दी जाने लगी है. इसके अलावा अब लिवइन में रहने वाले लोगों के लिए भी बच्चों का रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया है. 

क्यों चिंता में है चीन

दरअसल चीन की आबादी उम्मीद से ज्यादा तेजी से घटने लगी है. हाल ही जारी किए गए संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में बताया गया कि आबादी के मामले में साल 2023 तक भारत चीन को पीछे छोड़ देगा.

वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2022 की रिपोर्ट की मानें तो, पिछले 60 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है जब चीन की राष्ट्रीय जन्म दर गिर कर प्रति हज़ार 6.77 हो गई है.

इस रिपोर्ट ने चीन की चिंता की बढ़ा दी है क्योंकि एक तरफ जहां यह देश दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाला देश बनने का सपना देख रहा है वहीं दूसरी तरफ घटती आबादी के कारण यहां काम करने वाले लोगों की संख्या कम हो रही है. 

काम करने वाली आबादी यानी युवा आबादी के कम होने का मतलब है कि देश में स्वास्थ्य व्यवस्था और पेंशन पर बोझ बढ़ जाएगा लेकिन उत्पादन कम हो रहा है. चीन की सबसे बड़ी चिंता का कारण यही है. अगर इस देश की आबादी इसी तरह घटती रही तो आने वाले समय में चीनी अर्थव्यवस्था संकट में आ सकती है. 

आबादी में 2021 के मुकाबले, 2022 में 8.5 लाख की कमी 

रिपोर्ट की मानें तो चीन की आबादी में साल 2021 की तुलना में साल 2022 में 8.5 लाख की कमी आई है. 2022 में चीन की कुल आबादी 1.4118 अरब थी. इसी रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि आने वाले कुछ सालों यानी 2050 तक भारत की आबादी 1.668 अरब जबकि चीन की आबादी 1.317 अरब हो जाएगी.

बढ़ती आबादी को रोकने के लिए इस नीति की शुरुआत की गई थी

इस देश में सालों से जनसंख्या वृद्धि हो रही थी. जिसका नतीजा ये निकला कि इस देश की आबादी एक बड़ी सीमा रेखा यानी एक अरब लोगों के भी पार चली गई थी. उस वक़्त यहां हर दो सेकेंड में एक बच्चा पैदा हो रहा था.

इसे काबू करने के लिए साल 1980 में सरकार ने 'वन चाइल्ड पॉलिसी' लागू की गई. यानी चीन ने एक दंपत्ति को सिर्फ़ एक बच्चा पैदा करने की इजाजत थी. इस फैसले का साफ मकसद, आबादी की विकास दर को पटरी पर लाना था. 

60 साल बाद घटी आबादी 

पिछले 60 साल में पहली बार है ऐसा हुआ है जब चीन की आबादी में गिरावट दर्ज की गई है. चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके अनुसार साल 2022 में चीन की आबादी 1.4118 अरब थी, जो 2021 की तुलना में 8,50,000 कम थी.

जन्म दर से ज्यादा मृत्यु दर 

नेशनल ब्यूरो ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी किए गए एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन में साल 2021 में चीन में जन्म दर 7.52 प्रतिशत थी जो कि साल 2022 में और कम हो गई है. हालांकि उसी दौरान अमेरिका में जन्म दर प्रति हज़ार रिकॉर्ड 11.06 और ब्रिटेन में 10.08 रही और भारत में जन्म दर 16.42 थी.

चीन की सबसे बड़ी मुसीबत ये है कि इस देश में पिछले साल 2022 में पहली बार जन्म के मुकाबले मौतें अधिक हुईं. वहीं साल 1976 के बाद पहली बार मृत्यु दर प्रति हज़ार 7.37 पहुंचा, जो इसके पिछले साल 7.18 था.

क्या चीन की आबादी अभी घटती रहेगी?

इस सवाल के जवाब में शुआंग चेन, लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स के सोशल पॉलिसी विभाग में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर ने बीबीसी की एक रिपोर्ट में बताया कि पिछले 200 सालों में कई औद्योगिक देश, 'आबादी के बदलाव' के दौर से गुज़रा है. उनके आबादी के बढ़ने और घटने के ग्राफ से पता चलता है कि पहले तो उन देशों की आबादी तेज़ी से बढ़ी और फिर जन्म और मौत की तेज रफ्तार  कम जन्म और मृत्यु दर में तब्दील हो  गई. चीन को उस 'बदलाव के बाद वाला समाज' माना जाता है, जो पहले ही उस चक्र को पूरा कर चुका है.

ऐसे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता. वर्तमान में ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस देश की प्रजनन दर में लगातार गिरावट आएगी. हालांकि चीनी सरकार जिस तरह से अलग अलग नीतियों का प्रलोभन देकर अपने नागरिकों को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए हौसला दे रहे है, उसका भी कुछ असर देखने को मिल सकता है.

आबादी के मामले में भारत ले सकता है चीन की जगह

संयुक्त राष्ट्र की 2022 की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अगले साल यानी 2023 में भारत अपने पड़ोसी देश को पीछे छोड़कर दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा. कई जानकारों ने तो जनगणना के नतीजों को देखते हुए  कह दिया है कि अब तक भारत आबादी के मामले में चीन को पीछे छोड़ चुका होगा. 

भारत की आबादी की बात करें तो अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस देश में आने वाले सालों में जनसंख्या में इजाफा होगा. इस देश की आबादी साल 2022 में 1.417 अरब से बढ़कर 2030 में 1.515 अरब तक पहुंच जाएगी.

भारत की आबादी बढ़ने के दो कारण 

1. भारत में प्रजनन दर ऊंचे स्तर पर बनी हुई है. जबकि पिछले कुछ सालों में यहां के इलाज की सुविधाएं बेहतर हुई है जिससे मृत्यु दर में गिरावट आई है.

2. भारत की तुलना चीन की आबादी से करें को इस वक्त यहां चीन के औसत से एक दशक युवा है. तो, कुल मिलाकर चीन की तुलना में इस समय भारत में बच्चे पैदा करने वालों की तादाद भी ज्यादा है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Pakistan Laser Weapon: पाकिस्तान करने जा रहा लेजर वेपन डील पर, कौन कर रहा उसकी मदद, भारत के कितना खतरा?
पाकिस्तान करने जा रहा लेजर वेपन डील पर, कौन कर रहा उसकी मदद, भारत के कितना खतरा?
Israel US Iran War Live: साउथ लेबनान में गूंजे धमाके, ट्रम्प ने ईरानी ऊर्जा-ठिकानों पर 10 दिन हमले टाले
Live: साउथ लेबनान में गूंजे धमाके, ट्रम्प ने ईरानी ऊर्जा-ठिकानों पर 10 दिन हमले टाले
ड्रैगन का वॉरशिप 'द किंग' पहुंचा कराची पोर्ट! क्या ईरान संग जंग में शामिल होने की तैयारी कर रहे चीन और पाकिस्तान?
ड्रैगन का वॉरशिप 'द किंग' पहुंचा कराची पोर्ट! क्या ईरान संग जंग में शामिल होने की तैयारी कर रहे चीन और पाकिस्तान?
US Israel Iran War: ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर 10 दिन तक हमले नहीं करेगा अमेरिका, ट्रंप बोले- 'तेहरान की...'
ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर 10 दिन तक हमले नहीं करेगा अमेरिका, क्यों ट्रंप ने लिया यूटर्न

वीडियोज

महायुद्ध... आतंक का 'बारूद' !
बड़े 'धोखे' हैं ट्रंप की 'डील' में ?
Jaipur की सड़क पर लड़की का ताबड़तोड़ हमला! बुलेट भी नहीं बची
ईरानी सेना नहीं जनता से हार रहे ट्रंप!
Asim Munir से बात..PM Modi को दरकिनार क्यों?

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Pakistan Laser Weapon: पाकिस्तान करने जा रहा लेजर वेपन डील पर, कौन कर रहा उसकी मदद, भारत के कितना खतरा?
पाकिस्तान करने जा रहा लेजर वेपन डील पर, कौन कर रहा उसकी मदद, भारत के कितना खतरा?
ट्रांसवुमन के साथ वायरल वीडियो से महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल! कांग्रेस ने की मंत्री के इस्तीफे की मांग
ट्रांसवुमन के साथ वायरल वीडियो से महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल! कांग्रेस ने की मंत्री के इस्तीफे की मांग
ड्रैगन का वॉरशिप 'द किंग' पहुंचा कराची पोर्ट! क्या ईरान संग जंग में शामिल होने की तैयारी कर रहे चीन और पाकिस्तान?
ड्रैगन का वॉरशिप 'द किंग' पहुंचा कराची पोर्ट! क्या ईरान संग जंग में शामिल होने की तैयारी कर रहे चीन और पाकिस्तान?
कब से कब तक खेला जाएगा IPL 2026 का टूर्नामेंट, जानें फाइनल की तारीख!
कब से कब तक खेला जाएगा IPL 2026 का टूर्नामेंट, जानें फाइनल की तारीख!
Dhurandhar 2 BO Day 8 Worldwide: दुनियाभर में ‘धुरंधर 2’ का भौकाल, 8वें दिन 11 सौ करोड़ के हुई पार, शाहरुख खान के 3 साल पुराने रिकॉर्ड की उड़ा दी धज्जियां
दुनियाभर में ‘धुरंधर 2’ 11 सौ करोड़ के हुई पार, शाहरुख खान के रिकॉर्ड की उड़ा दी धज्जियां
Assembly Elections 2026 Live: असम में अकेले चुनाव लड़ेगी ममता बनर्जी की पार्टी, TMC ने 22 सीटों पर उतारे कैंडिडेट
Live: असम में अकेले चुनाव लड़ेगी ममता बनर्जी की पार्टी, TMC ने 22 सीटों पर उतारे कैंडिडेट
Home Gardening Pistachio: बाजार से पिस्ता खरीदना भूल जाएंगे! घर के गमले में पिस्ता उगाने का ये है सबसे आसान तरीका
बाजार से पिस्ता खरीदना भूल जाएंगे! घर के गमले में पिस्ता उगाने का ये है सबसे आसान तरीका
24 अकबर रोड वाले कांग्रेस मुख्यालय में कितने कमरे, किसने किया था इसे डिजाइन?
24 अकबर रोड वाले कांग्रेस मुख्यालय में कितने कमरे, किसने किया था इसे डिजाइन?
Embed widget