Pakistan: सियासी उथल-पुथल के बीच पाकिस्तान आर्थिक कंगाली से जूझ रहा है. लोग बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए तरस रहे हैं. देश के डिफॉल्‍ट होने का खतरा बढ़ता जा रहा है. राशन को लेकर भगदड़ जैसी स्थिति आए दिन पैदा हो रही है. ऐसे में पाकिस्तान के अच्छे दिन के सपने जल्दी पूरे होते नहीं दिख रहे. पाकिस्तान के मौजूदा हालात को देख मदद करने वालों ने भी हाथ पीछे खींच लिए हैं. इसी बीच अब अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष ने भी पाकिस्‍तान से मुंह मोड़ लिया है. 


ऐसे में शहबाज सरकार के पास अपने मित्र देशों के आगे हाथ फ़ैलाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है. पाकिस्तान अब मुसीबत से निकलने के लिए एक बार फिर चीन के सामने हाथ फैलाने की तैयारी में है. बता दें कि पाकिस्‍तान आईएमफ से 6.5 अरब डॉलर के बेलआउट प्रोग्राम की नई किस्त चाहता है. लेकिन आनाकानी करने के साथ ही आईएमएफ ने पाकिस्तान सरकार पर कई तरह के शर्त लाद दी हैं. 


अमेरिका भी नहीं कर रहा है मदद 


गौरतलब है कि पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद देश में बवाल जारी है. अमेरिका ने भी पाकिस्तान के मदद से हाथ पीछे खींच लिया है. ऐसे में पाकिस्तान के लिए चीन एक बड़ा सहारा है. यही वजह है कि पाकिस्तान चीन से कर्ज की गुहार लगाने जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को इमरान खान प्रकरण ने तोड़ कर रख दिया है. ऐसे में पहले से आर्थिक बदहाली से जूझ रहा देश कंगाली के कगार पर खड़ा है. 


चीनी पहले भी दे चुका है चेतावनी 


द न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने फंड के कर्मचारियों को पहले ही समीक्षा समाप्त करने के लिए कह दिया है, अन्यथा 2023-24 के लिए बजटीय रूपरेखा साझा नहीं की जाएगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीनी कंपनियों ने पहले ही पाकिस्तान में काम बंद करने की चेतावनी दी है.


दरअसल, पाकिस्तान पहले ही चीज के कर्ज तले दबा हुआ है, ऐसे में देखना होगा कि चाइना एक बार फिर मदद कर सकता है. एक्सपर्ट भी मानते हैं कि अगर पाकिस्तान को अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष से मदद नहीं मिलती है तो शहबाज सरकार के पास चीन से अनुरोध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा.  


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