US Dicrimination: प्यू रिसर्च सेंटर के नए सर्वे के अनुसार, पिछले तीन सालों में यूएस में यहूदियों और मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव में बढ़ोतरी देखी गई है. 2021 में जहां 20 फीसदी अमेरिकी वयस्क यह मानते थे कि यहूदियों के साथ बहुत भेदभाव होता है, आज यह आंकड़ा 40 फीसदी तक पहुंच गया है. इसके अलावा, 44 फीसदी अमेरिकी मानते हैं कि मुसलमानों को भी बहुत भेदभाव का सामना करना पड़ता है, जो 2021 से 5 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है.
सर्वेक्षण में पाया गया है कि विशेष रूप से इजरायल-हमास युद्ध की शुरुआत के बाद, यहूदियों और मुसलमानों दोनों ने अपने समुदायों के खिलाफ भेदभाव में बढ़ोतरी महसूस की है. 10 में से 9 यहूदियों और 10 में से 7 मुसलमानों ने माना कि अक्टूबर में युद्ध शुरू होने के बाद से उनके खिलाफ भेदभाव में वृद्धि हुई है.
अमेरिकी समाज में मुसलमानों और यहूदियों के अनुभव
सर्वेक्षण में शामिल 85 फीसदी मुसलमानों का कहना है कि आज के समाज में उनके साथ कम से कम कुछ भेदभाव होता है, जिसमें 67 फीसदी ने कहा कि उन्हें बहुत ज्यादा भेदभाव का सामना करना पड़ता है. इसी तरह, 94 फीसदी अमेरिकी यहूदियों ने कहा कि उन्हें भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है, जिसमें 72 फीसदी ने कहा कि यह भेदभाव बहुत ज्यादा है.
भेदभाव और मुक्त भाषण पर राय
सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि अधिकांश अमेरिकी लोग इजरायल और फिलिस्तीनी मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त करने को लेकर सहज महसूस करते हैं. हालांकि, अधिकांश अमेरिकी यहूदियों या मुसलमानों के खिलाफ हिंसा के आह्वान से सहमत नहीं हैं.
भेदभाव में बढ़ोतरी
प्यू रिसर्च सेंटर के इस सर्वे ने दिखाया है कि अमेरिका में मुसलमानों और यहूदियों के खिलाफ भेदभाव बढ़ रहा है, विशेष रूप से इजरायल-हमास युद्ध के बाद. दोनों समुदायों ने अपने खिलाफ भेदभाव में वृद्धि महसूस की है, जो अमेरिकी समाज में धार्मिक समूहों के अनुभवों को उजागर करता है.
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