PM Modi In Paris: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में होने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ग्लोबल समिट में हिस्सा लेने के लिए वहां पहुंच गए हैं. पीएम मोदी पेरिस में एआई समिट को को-चेयर करेंगे. हालांकि इस समिट से पहले ही स्टारलिंक के मालिक एलन मस्क के एक ट्वीट ने हलचल मचा दी है. दरअसल मस्क ने  माइक्रोसॉफ्ट एआई को खरीदने का ऑफर दे दिया है.


बता दें कि एलन मस्क अपने साहसी फैसलों के लिए जाने जाते हैं और हाल ही में उन्होंने OpenAI को फिर से हासिल करने की रुचि दिखाई है, जिसे उन्होंने सैम ऑल्टमैन के साथ मिलकर 2015 में शुरू किया था. मस्क की OpenAI में रुचि उनके ट्विटर अधिग्रहण की याद दिलाती है, लेकिन इन दोनों मामलों में कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं. एलन मस्क का ट्विटर अधिग्रहण एक बड़ा और लंबा संघर्ष था. अंततः, उन्होंने 44 अरब डॉलर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter को खरीदा, जिससे उनका टेक्नोलॉजी क्षेत्र में वर्चस्व और मजबूत हो गया. मस्क ने ट्विटर को स्वतंत्र अभिव्यक्ति और नवाचार का मंच बनाने की मंशा से खरीदा था.


OpenAI के साथ मस्क का रिश्ता
इसके विपरीत OpenAI के साथ मस्क का रिश्ता व्यक्तिगत है. मस्क ने सैम ऑल्टमैन के साथ मिलकर 2015 में OpenAI की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य AI विकास को जनता के हित में बढ़ावा देने के लिए था. हालांकि, मस्क ने बाद में OpenAI छोड़ दिया, लेकिन इसकी हालिया वैल्यूएशन में हुई भारी बढ़ोतरी ने उन्हें फिर से इस कंपनी की ओर खींचा है. ट्विटर के मामले में जहां प्लेटफॉर्म के मूल्यांकन पर बहस हुई, वहीं OpenAI की 300 अरब डॉलर की विशाल वैल्यूएशन ने सभी को चौंका दिया. हाल ही में जापान के सॉफ्टबैंक ने OpenAI को इस मूल्य पर आंका और मस्क अब इसे अपने AI प्रोजेक्ट, xAI में मर्ज करने के इच्छुक हैं.


सैम ऑल्टमैन का मस्क के OpenAI अधिग्रहण पर कड़ा रुख
जहां मस्क की ट्विटर बोली सफल रही, वहीं OpenAI के मामले में उन्हें सख्त विरोध का सामना करना पड़ रहा है. सैम ऑल्टमैन, जो अब OpenAI के प्रमुख हैं. उन्होंने मस्क के ऑफर को सख्त शब्दों में अस्वीकार कर दिया. ऑल्टमैन ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि अगर मस्क चाहें तो वह ट्विटर को 9.7 अरब डॉलर में उन्हें बेच सकते हैं. बता दें कि मस्क का तर्क यह है कि OpenAI का उद्देश्य एक नॉन-प्रॉफिट संस्था के रूप में जनता के हित में एआई का विकास करना था. उनका मानना है कि इसे एक प्रॉफिट कमाने वाली कंपनी में बदलना गलत है. मस्क ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि OpenAI को अब "ओपन सोर्स" (सभी के लिए मुफ्त में उपलब्ध) होना चाहिए, ताकि इसकी तकनीक को हर कोई इस्तेमाल कर सके.


मस्क की दीर्घकालिक योजना
मस्क की दीर्घकालिक योजना OpenAI को xAI में मर्ज करके एआई के क्षेत्र में प्रभुत्व स्थापित करने की है. हालांकि, xAI अभी तक उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो पाया है, और इसलिए मस्क अब OpenAI के साथ अपनी ताकत को जोड़कर इस क्षेत्र में नेतृत्व स्थापित करना चाहते हैं.


AI इंडस्ट्री और पेरिस में होने वाले एआई ग्लोबल समिट पर प्रभाव
यह संघर्ष ऐसे समय में हो रहा है जब AI क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं. आगामी ग्लोबल AI समिट पेरिस में आयोजित होने वाला है, जहां विश्व के नेता और AI विशेषज्ञ एक जगह शामिल होंगे. इस समिट का मकसद AI के भविष्य पर चर्चा करना है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस समिट में सह-अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया है, जो भारत की AI विकास में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है.


भारत की तकनीकी दुनिया में बढ़ती अहमियत को नजरंदाज नहीं किया जा सकता. हाल ही में, सैम ऑल्टमैन ने दिल्ली का दौरा किया था, जहां उन्होंने भारतीय अधिकारियों से AI पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की थी. ऑल्टमैन ने भारत सरकार के साथ AI परियोजनाओं पर काम करने की इच्छा भी जताई थी, जिससे भारत इस क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकता है.


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