US-India Relations: अमेरिका-कनाडा समेत कई पश्चिमी देशों में खालिस्तान समर्थकों के उपद्रव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर तोड़-फोड़ करने व खालिस्तानी स्लोगन लिखे जाने की घटना पर भारत सरकार ने चिंता जताई है. भारत के ऐतराज जताए जाने के बाद अब अमेरिकी सरकार का बयान आया है. अमेरिकी सरकार ने कहा है कि वो भारतीय राजनयिक मिशन एवं राजनयिकों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
अमेरिकी सरजमीं पर भारतीय राजनयिक मिशनों पर हुई हिंसा की घटनाओं की अमेरिका के विदेश मंत्रालय की ओर से निंदा की गई. अमेरिका के विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारे यहां प्रदर्शनों के नाम पर हिंसा कतई स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा, "हमारे विएना दायित्वों के अनुरूप मंत्रालय इन मिशनों और इनमें काम करने वाले राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संघीय, राज्य एवं स्थानीय कानून प्रवर्तन प्राधिकारियों के समन्वय से सभी उचित कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
अमेरिकी अधिकारी का यह बयान वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के बाहर हिंसक प्रदर्शन और सैन फ्रांसिस्को में भारत के वाणिज्य दूतावास में तोड़-फोड़ संबंधी घटनाओं से जुड़े सवालों के जवाब में आया. बता दें कि पिछले सप्ताह अमेरिका में खालिस्तान समर्थकों के एक ग्रुप ने भारतीय दूतावास के सामने एकत्र होकर उत्पात मचाया था.
उन्होंने भारतीय राजदूत को धमकी भी दी थी, हालांकि, अमेरिकी एजेंसियों के समय पर हस्तक्षेप करने पर उपद्रवी दूतावास की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा पाए. भारतीय न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, खालिस्तान समर्थकों ने एक पत्रकार पर भी हमला किया था और उसे धमकी दी थी. अमेरिका के पड़ोसी देश कनाडा में तो खालिस्तान समर्थकों ने गांधीजी की प्रतिमा को ही तोड़ डाला. इसी तरह ब्रिटेन में दूतावास की इमारत पर तिरंगे को हटाकर खालिस्तानी झंडा टांग दिया.