Pakistan Beggers In Saudi Arab: सऊदी अरब ने उमराह और हज के नाम पर वहां पहुंचकर भीख मांगने वाले पाकिस्तानियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें देश से निर्वासित करना शुरू कर दिया है. हाल ही में कई पाकिस्तानी नागरिकों को भीख मांगते हुए पकड़ा गया. इसके बाद इस्लामाबाद को बड़ी किरकिरी का सामना करना पड़ा है. यह घटना पाकिस्तान के लिए बदनामी का कारण बन रही है, जिससे सही तीर्थयात्रियों के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं.

पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने पुष्टि की है कि सऊदी अरब से 10 संदिग्धों को निर्वासित किया गया है, जो उमराह वीजा पर सऊदी अरब गए थे, लेकिन वहां भीख मांगने में लगे हुए थे. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने 2023 में कई बार इस मुद्दे को पाकिस्तान के सामने उठाया था और कार्रवाई की मांग की थी.

भीख मांगने के खिलाफ सख्त कार्रवाईनवंबर 2023 में, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सऊदी अरब को आश्वासन दिया था कि भीख मांगने के लिए उमराह और हज वीजा का दुरुपयोग करने वाले पाकिस्तानियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी. इसके तहत कराची हवाई अड्डे पर एक बड़े ऑपरेशन के दौरान भीख मांगने जाने वाले संदिग्धों को पकड़ा गया.

उमराह की आड़ में भीख मांगने का खुलासाएफआईए ने बताया कि पकड़े गए संदिग्धों ने उमराह के बहाने सऊदी अरब जाकर कई महीनों तक भीख मांगी. इन सभी को कराची एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल में ट्रांसफर कर दिया गया है, जहां उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.

हवाई अड्डों पर सख्त निगरानीएफआईए ने यह भी कहा कि इमिग्रेशन गतिविधियों की बारीकी से निगरानी की जा रही है. विदेश यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की पूरी तरह से जांच की जा रही है ताकि भीख मांगने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके.

हज वीजा का इस्तेमालसऊदी अरब में उमराह और हज वीजा का गलत इस्तेमाल कर भीख मांगने की घटना ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को धक्का पहुंचाया है. एफआईए द्वारा इस तरह के यात्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके.

ये भी पढ़ें:  Maulana Tariq Masood: मौलाना तारिक मसूद ने अब 'काफिर' को लेकर क्या कहा जो वीडियो हुआ वायरल, आप भी सुनिए