'तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण ट्रूडो-शहबाज के लिए पैगाम, भारत जो करेगा वो', बोले पाक एक्सपर्ट
पाक एक्सपर्ट कमर चीमा ने कहा कि डेविड हेडली और तहव्वुर राणा ने अमेरिका में बैठकर जो किया उससे पाकिस्तान को लिंक नहीं करना चाहिए.

मुंबई में 26/11 हमलों के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा का कहना है कि भारत एक तीर से दो वार कर रहा है. एक तरफ कनाडा और दूसरा पाकिस्तान. उन्होंने कहा कि दोनों ही मुल्कों के साथ उसके रिश्ते अच्छे नहीं है और वह कनाडा पर अलगाववाद का आरोप लगाता है. कमर चीमा का यह भी कहना है कि इस तरह वह पाकिस्तान को आइसोलेट करेगा और दिखाएगा कि उसका प्रभाव है.
पाक एक्सपर्ट कमर चीमा ने कहा, 'तहव्वुर राणा से पाकिस्तानी कनेडियन है. भारत के ताल्लुकात तो आजकल वैसे ही कनाडा के साथ अच्छे नहीं हैं. तो इंडिया इसको थोड़ा सा लिंक करना चाहता है, जैसे वो कहता है कि कनाडा में अलगाववाद है. इंडिया एक ही तीर से दो वार करना चाहता है कि कनाडा को भी कहो कि आप दहशतगर्दी में शामिल लोगों पर सॉफ्ट हैं और पाकिस्तान पर भी वार कर रहा है.'
कमर चीमा ने कहा कि अगर तहव्वुर राणा को प्रत्यर्पित किया जात है तो 2-3 साल उसका केस चलेगा और फिर उसको सजा-ए-सुनाई जाएगी. इससे एक मैसेज जाता है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ये चाहती है कि किसी न किसी तरीके से पाकिस्तान को अमेरिका की नजर में टेरेरिस्ट स्टेट के तौर पर प्रोजेक्ट किया जाए. वह लगातार इसी के ऊपर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 26/11 को 9/11 से इक्वेट कर दिया. पाकिस्तान पर एक इंटरनेशनल प्रेशर बनाना की भी कोशिश की गई और दुनिया में जहां भी भारत सरकार जाती है तो एक ही बात करती है कि पाकिस्तान दहशतगर्दी में इनवोल्व है, आतंकवाद है.
पाक एक्सपर्ट कमर चीमा ने कहा कि तहव्वुर राणा के बारे में कहा जाता है कि ये लश्कर-ए-तयैबा और हरकत-उल मुजाहिदीन अल-इस्लामी का मेंबर था. उन्होंने कहा कि तहव्वुर राणा को पाकिस्तान से लिंक करना गलता है. वो अमेरिका में बैठकर डेविड हेडली के साथ ऑपरेट कर रहा है, काम कर रहा है, पाकिस्तान को तो उसका पता ही नहीं है न. ऐसे में पाकिस्तान को लगातार उस चीज से लिंक करना, मैं समझता हूं कि ये इंडिया की मूव है कि उसको आइसोलेट कर दो.
कमर चीमा ने कहा कि तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण अगर हो जाता है तो ये एक बहुत बड़ी चीज है, जिसको इंडिया सेलिब्रेट करेगा क्योंकि वो ये मैसेज देना चाहता है कि हमारा प्रभाव है. भारत ने अमेरिका से ही सीखा है कि आप केस खत्म नहीं करो और उसको चलाते रहो.
पाक एक्सपर्ट ने कहा कि इंडिया की नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने तहव्वुर राणा को चार्जशीट किया था और 2009 में अमेरिका में अरेस्ट किया, 2011 में एनआईए ने चार्ज किया फिर उसको वहीं सजा हुई. तहव्वुर के समर्थन में बोलने वालों का कहना है कि अगर भारत भेजा गया तो एक सजा वह पाकिस्तान में भुगत चुका है, दूसरी भारत में होगी. तो बेसिकली इंडिया इस मसले को खींचना चाहता है कि एक पैगाम दिया जाए.
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