US Intelligence Agency CIA: अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) ने बड़ा दावा किया है कि कोविड-19 का वायरस किसी प्रयोगशाला से लीक हुआ है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सीआईए ने अपनी नई रिपोर्ट में संकेत दिए हैं कि वायरस चीन से ही आया. एजेंसी ने यह भी माना है कि उसे अपनी रिपोर्ट के परिणाम पर कम भरोसा है. यह रिपोर्ट नए निदेशक जॉन रैटक्लिफ के कार्यभार संभालने के बाद सार्वजनिक की गई.
दरअसल, बाइडन प्रशासन के कार्यकाल में सीआईए की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति चीन से हुई. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि यह वायरस चीनी लैब से गलती से लीक हुआ या इसे जानबूझकर फैलाया गया. अब डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही सीआईए की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि वायरस प्राकृतिक रूप से उत्पन्न नहीं हुआ, बल्कि किसी लैब से बाहर आया.
सीआईए के निदेशक ने क्या कहा ?
अमेरिकी सांसदों का खुफिया एजेंसियों पर सच्चाई उजागर करने का दबाव बढ़ रहा है. दरअसल, C.I.A यह तो मान रहा है कि वायरस प्राकृतिक तौर पर नहीं बल्कि किसी लैब से लीक हुआ है, लेकिन एजेंसी को अपनी ही रिपोर्ट के रिजल्ट पर कम भरोसा है. सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने कहा कि वायरस के स्रोत का पता लगाने के लिए अधिक सटीक जानकारी जुटाई जा रही है.
वैज्ञानिकों की राय में मतभेद
कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर वैज्ञानिकों के अलग-अलग मत हैं. कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि वायरस चमगादड़ों से वुहान के बाजार में फैला. अन्य वैज्ञानिकों का तर्क है कि वायरस वुहान की लैब से लीक हुआ. पहले की एक अमेरिकी रिपोर्ट ने भी लैब लीक को संभावित स्रोत माना था, लेकिन उस पर कम भरोसा जताया गया था. बता दें कि सीआईए और अन्य खुफिया एजेंसियां कोविड-19 की उत्पत्ति पर रिसर्च जारी रखे हुए हैं. अमेरिकी सांसदों का दबाव भी इस दिशा में काम तेज कर रहा है. सीआईए का मानना है कि वायरस लैब से लीक हुआ, लेकिन इस दावे को और ठोस साक्ष्यों से सिद्ध करने की जरूरत है.