Ukraine drone attacks Russia : रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और दोनों देशों में शांति बहाल करने के लिए सऊदी अरब में शांति वार्ता शुरू होने वाली है. जिसके लिए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रूस के अधिकारी और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की पहुंचे हैं. लेकिन सऊदी अरब में शांति वार्ता के शुरू होने से पहले ही जेलेंस्की की ड्रोन सेना ने रूस पर एक बहुत बड़ा हमला कर दिया है. इस ड्रोन हमले से रूस दहल चुका है. मंगलवार (11 मार्च) को यूक्रेन ने मॉस्को समेत रूस के कई अन्य शहरों में करीब 70 ड्रोन दागे.
रूस में यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस में करीब एक घंटे तक लगातार हमले किए. इन हमलों में रूस के कई रिहाइशी इमारतों को निशाना बना गया है. इससे कई जगह आगजनी हुई और कई इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं हैं. यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस की राजधानी मास्को के आसपास के शहरों पर भी कई हमले किए गए है. वहीं, कोलोम्ना और डोमोडेडोवो में भी लगातार हमले हुए.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले को यूक्रेन की ओर से किया हुआ अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला कहा जा रहा है. सऊदी अरब में वार्ता से पहले रूस पर हुआ यह हमला जेलेंस्की की शांति की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है.
रूस ने यूक्रेनी ड्रोन को किया तबाह
रॉयटर्स के मुताबिक, मॉस्को के मेयर सरगई सोबियानिन ने कहा, “कम से कम 69 यूक्रेनी ड्रोन्स को तबाह कर दिया गया है.” उन्होंने कहा, “इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना अभी नहीं है. हालांकि, मॉस्को की कुछ इमारतों की छतें मारे गए ड्रोन्स के गिरने से थोड़ी क्षतिग्रस्त हुई हैं.” यूक्रेन के हमले को देखते हुए मॉस्को के दो एयरपोर्ट्स को बंद कर दिया गया है. इससे कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं. वहीं, यूक्रेन के इस ड्रोन हमले का असर जेद्दा में होने वाली शांति वार्ता को भी प्रभावित कर सकता है.
निर्णायक हो सकती है जेद्दा में आयोजित शांति बैठक
रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए 3 साल से अधिक समय बीत चुका है. जिसमें शांति स्थापित करने के लिए सऊदी अरब के जेद्दा में आज यानी मंगलवार (11 मार्च) को अमेरिकी, यूक्रेनी और रूसी अधिकारियों की बैठक होने वाली है. उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में युद्ध विराम समझौते पर सहमति बन सकती है. हालांकि, रूस-यूक्रेन में शांति को लेकर अमेरिकी और रूसी अधिकारी पहले भी बैठक कर चुके हैं, लेकिन इस बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के शामिल होने के कारण इसे निर्णायक कहा जा रहा है.
यह भी पढ़ेंः एजिंग आउट के कारण US में भारतीयों का भविष्य खतरे में, कनाडा और UK क्यों जाने का प्लान बना रहे स्टूडेंट