Highway Construction: इस वित्त वर्ष में बनेगा सड़कों का नया रिकॉर्ड, हर रोज इतने किलोमीटर का कंस्ट्रक्शन
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दुनिया भले ही आर्थिक मंदी की आशंका से हलकान हो, लेकिन भारत में सड़क निर्माण पर सरकार का फोकस इससे अप्रभावित रहने वाला है. 01 अप्रैल से शुरू हुए नए वित्त वर्ष के दौरान सरकार देश में सड़क निर्माण की गति को और तेज करने वाली है. अगर सरकार की योजना के हिसाब से काम होता है तो इस साल देश में सड़क बनाए जाने की स्पीड का नया रिकॉर्ड बन जाएगा.
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मिंट की एक खबर के अनुसार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष के दौरान सड़क निर्माण का एक आंतरिक लक्ष्य तय किया है. सरकार का प्रयास है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान औसतन रोज 45 किलोमीटर लंबाई की सड़क का निर्माण हो. अगर इस स्पीड से सड़क बनी तो अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के दौरान देश में 16 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़कें तैयार होंगी.
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय पिछले लगातार दो वित्त वर्ष से सड़क बनाने के लक्ष्य को पाने में असफल हो जा रहा है. इससे पहले वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान सबसे तेज गति से सड़कें बनाने का रिकॉर्ड कायम हुआ था.
वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 13,298 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण हुआ था. इसका मतलब हुआ कि आलोच्य अवधि में हर रोज 36.4 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ.
वित्त वर्ष 2021-22 में सड़कें बनाए जाने की गति कुछ कम हो गई और रोजाना औसत 29 किलोमीटर रह गया. वित्त वर्ष 2022-23 के लिए फरवरी महीने तक के उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से औसत 24 किलोमीटर डेली का निकल रहा है. इसका मतलब हुआ कि पिछले दो वित्त वर्ष से सड़क बनाए जाने की स्पीड कम हो रही है.
हालांकि सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए जो आधिकारिक लक्ष्य रखेगी, वह आंतरिक लक्ष्य से कम रह सकता है. सरकार आधिकारिक तौर पर इस बार भी पिछले वित्त वर्ष की तरह 12,200 किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य रख सकती है, लेकिन पूरा प्रयास इस बात का रहेगा कि 16 हजार किलोमीटर के मील के पत्थर को पार किया जाए.
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