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एक-दो नहीं 5 तरह के होते हैं सर्दी-जुकाम, 99% लोग हैं इस बात से अनजान, जान लें हर किसी के लक्षण-बचाव
नाक बंद, खांसी और सिरदर्द की परेशानी बदलते मौसम में काफी कॉमन हो जाती है.रिपोर्ट्स के अनुसार,वैज्ञानिकों ने 200 अलग-अलग तरह के सर्दी-जुकाम के लक्षणों की खोज की है, जिनमें से 5 का खतरा ज्यादा होता है.
![नाक बंद, खांसी और सिरदर्द की परेशानी बदलते मौसम में काफी कॉमन हो जाती है.रिपोर्ट्स के अनुसार,वैज्ञानिकों ने 200 अलग-अलग तरह के सर्दी-जुकाम के लक्षणों की खोज की है, जिनमें से 5 का खतरा ज्यादा होता है.](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/11/03/8ebe4533e47d9074cf09a17365b89d1e1730638651452506_original.jpg?impolicy=abp_cdn&imwidth=720)
क्या आप जानते हैं सर्दी-जुकाम एक-दो नहीं बल्कि पांच तरह के होते हैं, जिनमें से कई सेहत के लिए गंभीर खतरे पैदा कर सकते हैं.
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![नवंबर का महीना शुरू हो चुका है. सुबह-शाम का मौसम अब ठंडा होने लगा है. धीरे-धीरे ही सही हल्की-हल्की ठंड लगने लगी है. इस बदलते मौसम में बीमारियां बढ़़ने लगी हैं. सर्दियों में सर्दी, जुकाम, गला खराब और खांसी,नाक बहने की समस्याएं होती हैं. ज्यादातर लोग इन्हें कॉमन कोर्ड या सर्दी जुकाम समझकर इग्नोर कर देते हैं. कुछ घरेलू इलाज से खुद को ठीक कर लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं सर्दी-जुकाम एक-दो नहीं बल्कि पांच तरह के होते हैं, जिनमें से कई सेहत के लिए गंभीर खतरे पैदा कर सकते हैं.](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/11/03/e943d4940bf014a672398edd3defa75e20711.jpeg?impolicy=abp_cdn&imwidth=720)
नवंबर का महीना शुरू हो चुका है. सुबह-शाम का मौसम अब ठंडा होने लगा है. धीरे-धीरे ही सही हल्की-हल्की ठंड लगने लगी है. इस बदलते मौसम में बीमारियां बढ़़ने लगी हैं. सर्दियों में सर्दी, जुकाम, गला खराब और खांसी,नाक बहने की समस्याएं होती हैं. ज्यादातर लोग इन्हें कॉमन कोर्ड या सर्दी जुकाम समझकर इग्नोर कर देते हैं. कुछ घरेलू इलाज से खुद को ठीक कर लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं सर्दी-जुकाम एक-दो नहीं बल्कि पांच तरह के होते हैं, जिनमें से कई सेहत के लिए गंभीर खतरे पैदा कर सकते हैं.
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![HPIV: ह्यूमन पैराइन्फ्लुएंजा वायरस (HPIV) की वजह से गले में खराश, बुखार, भरी नाक और सीने में दर्द की समस्या होती है. इसमें सांस नली में इंफेक्शन का खतरा रहता है. जो फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है. कम से कम 5 साल के बच्चों में ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/11/03/5747093a2f1f337f4a39d4ab11a9fdd6cf38c.jpeg?impolicy=abp_cdn&imwidth=720)
HPIV: ह्यूमन पैराइन्फ्लुएंजा वायरस (HPIV) की वजह से गले में खराश, बुखार, भरी नाक और सीने में दर्द की समस्या होती है. इसमें सांस नली में इंफेक्शन का खतरा रहता है. जो फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है. कम से कम 5 साल के बच्चों में ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.
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![राइनोवायरस (Rhinovirus): रिसर्च के अनुसार, दुनियाभर में सर्दी के 50% मामलों के लिए राइनोवायरस जिम्मेदार है. इनकी वजह से सालभर लोग बीमार पड़ते हैं. इसके सबसे ज्यादा मामले पतझड़ और वसंत में एक्टिव होते हैं. यह स्कूलों और दफ्तरों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर बहुत अधिक फैलते हैं. इसके लक्षण काफी हल्के होते हैं. एक हफ्ते से लेकर 10 दिनों में इसके मरीज ठीक हो जाते हैं. यह वायरस कान में इंफेक्शन, साइनस इंफेक्शन या सांस लेने में समस्याएं पैदा करती है.](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/11/03/88c3e5fe55d607cfec3d2aa5a1901b70b5220.jpg?impolicy=abp_cdn&imwidth=720)
राइनोवायरस (Rhinovirus): रिसर्च के अनुसार, दुनियाभर में सर्दी के 50% मामलों के लिए राइनोवायरस जिम्मेदार है. इनकी वजह से सालभर लोग बीमार पड़ते हैं. इसके सबसे ज्यादा मामले पतझड़ और वसंत में एक्टिव होते हैं. यह स्कूलों और दफ्तरों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर बहुत अधिक फैलते हैं. इसके लक्षण काफी हल्के होते हैं. एक हफ्ते से लेकर 10 दिनों में इसके मरीज ठीक हो जाते हैं. यह वायरस कान में इंफेक्शन, साइनस इंफेक्शन या सांस लेने में समस्याएं पैदा करती है.
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![कोरोना वायरस: COVID-19 भी एक तरह का कॉमन कोल्ड है, जो सबसे अधिक फैला है. आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस मौसमी सर्दी के करीब 15% मामलों के लिए जिम्मेदार है. आमतौर पर ठंड के मौसम में बहुत ज्यादा होता है.](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/11/03/e74b306ac18ebe0bfb5d088c6fefc62c1658c.jpeg?impolicy=abp_cdn&imwidth=720)
कोरोना वायरस: COVID-19 भी एक तरह का कॉमन कोल्ड है, जो सबसे अधिक फैला है. आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस मौसमी सर्दी के करीब 15% मामलों के लिए जिम्मेदार है. आमतौर पर ठंड के मौसम में बहुत ज्यादा होता है.
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![एंटरोवायरस (Enterovirus): एंटरोवायरस-300 से ज्यादा वायरसों का एक ग्रुप है, जिसमें राइनोवायरस, कॉक्ससैकीवायरस, इकोवायरस और पोलियोवायरस शामिल हैं, जो कई तरह की गंभीर बीमारियों की वजह से होता है. इसमें सांस से जुड़ी समस्याओं का रिस्क बहुत अधिक होता है. इसके अलावा हाथ, पैर और मुंह की बीमारियां होती हैं. इस तरह के सर्दी-जुकाम को ठीक होने में 1 हफ्ते का वक्त लगता है.](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/11/03/d24a717f4d7bf7e1a6a8d94aa9d9d72cfc47e.jpeg?impolicy=abp_cdn&imwidth=720)
एंटरोवायरस (Enterovirus): एंटरोवायरस-300 से ज्यादा वायरसों का एक ग्रुप है, जिसमें राइनोवायरस, कॉक्ससैकीवायरस, इकोवायरस और पोलियोवायरस शामिल हैं, जो कई तरह की गंभीर बीमारियों की वजह से होता है. इसमें सांस से जुड़ी समस्याओं का रिस्क बहुत अधिक होता है. इसके अलावा हाथ, पैर और मुंह की बीमारियां होती हैं. इस तरह के सर्दी-जुकाम को ठीक होने में 1 हफ्ते का वक्त लगता है.
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![एडिनोवायरस (Adenovirus) :एडिनोवायरस एक तरह का वायरस है, जो अलग-अलग तरह के इंफेक्शन का कारण बन सकता है. यह वायरस सांस की नली, आंखों और आंतों को प्रभावित कर सकता है. इसमें सामान्य जुकाम, ब्रोन्काइटिस, लंग्स इंफेक्शन और आंखों की सूजन शामिल हैं. यह संक्रमित के संपर्क में आने, हवा में मौजूद कणों या संक्रमित जगहों को छूने से फैल सकता है. इसके लक्षण गले में खराश, नाक बहना, खांसी, बुखार, दस्त और पेट दर्द शामिल हैं.](https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2024/11/03/c7c73e1c74028f21007d844d8cbf10b98f947.jpeg?impolicy=abp_cdn&imwidth=720)
एडिनोवायरस (Adenovirus) :एडिनोवायरस एक तरह का वायरस है, जो अलग-अलग तरह के इंफेक्शन का कारण बन सकता है. यह वायरस सांस की नली, आंखों और आंतों को प्रभावित कर सकता है. इसमें सामान्य जुकाम, ब्रोन्काइटिस, लंग्स इंफेक्शन और आंखों की सूजन शामिल हैं. यह संक्रमित के संपर्क में आने, हवा में मौजूद कणों या संक्रमित जगहों को छूने से फैल सकता है. इसके लक्षण गले में खराश, नाक बहना, खांसी, बुखार, दस्त और पेट दर्द शामिल हैं.
Published at : 03 Nov 2024 06:28 PM (IST)
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अनिल चमड़ियावरिष्ठ पत्रकार
Opinion: 'आस्था, भावुकता और चेतना शून्य...', आखिर भारत में ही क्यों होती सबसे ज्यादा भगदड़ की घटनाएं
Opinion