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Bangladesh Government Crisis: 'बांग्लादेश में तख्तापलट करने वालों के मन में भारत को लेकर गुस्सा' , एक्सपर्ट ने कहा- इंडिया रहे चौकन्ना, वरना...
Bangladesh Crisis: पड़ोसी देश बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद वहां पनपे सियासी संकट को लेकर दिल्ली में जेएनयू के प्रोफेसर स्वर्ण सिंह ने आगाह किया है कि इस स्थिति में भारत को बेहद चौकन्ना रहना होगा.

बांग्लादेश में हुए तख्तापलट ने न सिर्फ पूर्व पीएम शेख हसीना, अवामी लीग और वहां के आम लोगों को बड़ा झटका दिया बल्कि यह बड़ा सियासी घटनाक्रम भारत के लिए भी बड़ी मुसीबत बन सकता है. ये संकेत नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिटिक्स, ऑर्गनाइजेशन और डिसार्मामेंट से जुड़े प्रोफेसर व एसोसिएशन ऑफ एशिया स्कॉलर्स के अध्यक्ष स्वर्ण सिंह ने आगाह करते हुए कहा कि इंडिया को बांग्लादेश के मौजूदा हालात के मद्देनजर चौकन्ना रहना होगा.
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अंतर्राष्ट्रीय मामलों के जानकार और जेएनयू के प्रोफेसर स्वर्ण सिंह ने बांग्लादेश के ताजा हालात को लेकर भारत को आगाह किया है. उन्होंने कहा कि वहां जिन्होंने सत्ता पलटी है, उनके मन में भारत को लेकर गुस्सा है. ऐसे में हमें चौकन्ना रहना होगा.
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न्यूज एजेंसी 'आईएएनएस' से सोमवार (छह अगस्त, 2024) को जेएनयू के प्रोफेसर ने कहा कि पड़ोसी देश में लगातार सियासी अस्थिरता बने रहने की आशंका है. ऐसा इसलिए क्योंकि वहां तकरीबन 15 साल शेख हसीना सबसे बड़ी नेता रहीं.
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स्वर्ण सिंह के मुताबिक, अटकलें हैं कि बांग्लादेश के सेनाध्यक्ष सरकार चलाएंगे. मुमकिन है कि लोकतंत्र बहाल होने में वक्त लगे, जिससे न सिर्फ लोगों का बल्कि भारत का भी नुकसान होगा, क्योंकि भारत के रिश्ते बांग्लादेश से बहुत अच्छे रहे हैं.
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प्रोफेसर ने आगे बताया कि बाकी पड़ोसी मुल्कों की तुलना में इंडिया के रिश्ते बांग्लादेश से बहुत अच्छे रहे. शेख हसीना नहीं रहेंगी तो इस बात की पूरी आशंका है कि दोनों देशों के रिश्तों में खटास पनपे, जिससे भविष्य में चुनौतियां बढ़ सकती हैं.
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जेएनयू प्रोफेसर बोले कि जिन लोगों ने सत्ता पलटी है, उनके मन में भारत को लेकर गुस्सा है. अगर ऐसे में वहां पर उनके मतलब की सरकार बनती है तो भारत को चौकन्ना रहने की जरूरत है. आगे भारत को लेकर कई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं.
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स्वर्ण सिंह की मानें तो भारत का ध्यान फिलहाल इस ओर जरूर रहेगा कि शेख हसीना की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की आंच न आए. बांग्लादेश में जबतक हालात पहले जैसे सामान्य नहीं हो जाते, तब तक वहां की पूर्व प्रधानमंत्री भारत में ही रहेंगी.
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यह पूछे जाने पर कि बांग्लादेश पर भारत का कैसा रुख रहेगा? प्रोफेसर का जवाब आया, "अगर बांग्लादेश में सेना सरकार बनाती है तो इसकी पूरी संभावना है कि भारत संपर्क स्थापित करे. वहां कुछ दिनों से इस्लामिक शक्तियां सक्रिय हुई हैं."
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प्रोफेसर ने बताया कि आवामी लीग की चीन से भी अच्छी दोस्ती है. अगर वह हटती है तो बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) और वहां के मुस्लिम दल मिलकर सरकार बना सकते हैं. ऐसे में पाकिस्तान और चीन का प्रभाव आगे बढ़ सकता है.
Published at : 06 Aug 2024 08:03 AM (IST)
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रामधनी द्विवेदीवरिष्ठ पत्रकार
Opinion