Afghanistan Crisis: अफगानिस्तान में भारी संकट के बीच वापस लौटे भारतीयों का फूल-माला से स्वागत- तस्वीरों में देखें
भारत ने मंगलवार को कहा कि काबुल से दूतावास कर्मियों को स्वदेश लाने का कार्य पूरा हो गया है और उस देश में वर्तमान स्थिति को देखते हुए अब पूरा ध्यान अफगानिस्तान की राजधानी से सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने पर केंद्रित किया जाएगा.
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View In Appकाबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां खराब होते सुरक्षा हालात के मद्देनजर भारत वहां से दो सैन्य विमानों से अपने राजदूत और भारतीय दूतावास के अपने कर्मियों को स्वदेश वापस ले आया.
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘‘ काबुल की स्थिति को देखते हुए यह फैसला किया गया कि हमारे दूतावास के कर्मियों को तत्काल भारत लाया जायेगा. यह गतिविधि दो चरणों में पूरी हुई और आज दोपहर को राजदूत और अन्य भारतीय कर्मी नयी दिल्ली पहुंच गए.’’
विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय वायु सेना के सैन्य परिवहन विमान से भारतीय राजनयिकों, अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों एवं वहां कुछ फंसे हुए भारतीयों सहित करीब 150 लोगों को काबुल से वापस लाया गया.
इससे पहले, सोमवार को काबुल से एक अन्य विमान से 40 कर्मियों को वापस लाया गया था. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय वीजा सेवाएं ई-आपात वीजा सुविधा के जरिये जारी रहेगी, जिसे अफगानिस्तान के नागरिकों के लिये प्रदान किया गया है.
मंत्रालय ने कहा, ‘‘ हमें अफगानिस्तान के सिख और हिन्दू समुदाय के नेताओं से अनुरोध प्राप्त हुआ है और हम उनके सम्पर्क में हैं.’’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार की तत्काल प्राथमिकता अभी अफगानिस्तान में मौजूद भारतीयों के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करने की है. मंत्रालय ने भारतीयों एवं उनके नियोक्ताओं से विदेश मंत्रालय के विशेष अफगानिस्तान प्रकोष्ठ को जरूरी जानकारी साझा करने को कहा है. इस प्रकोष्ठ का गठन वहां से लोगों को निकालने में समन्वय के उद्देश्य से किया गया है.
वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ट्वीट में कहा कि काबुल से भारतीय राजदूत और दूतावासकर्मियों को भारत लाना ‘कठिन और जटिल’ कार्य था और इसे संभव बनाने एवं सहयोग करने वाले सभी लोगों को वह धन्यवाद देते हैं.
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