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Turkiye Earthquake: प्यार और अपनेपन का पैगाम देकर लौटे NDRF के डॉग रैंबो और हनी, तुर्किए ने कहा शुक्रिया...ऑपरेशन दोस्त
Operation Dost: भूकंप ग्रस्त तुर्किए में 10 दिनों के लंबे राहत और बचाव ऑपरेशन के बाद 47 सदस्यों वाली एनडीआरएफ की टीम अपने डॉग स्कावॉड सदस्यों रैंबो और हनी के साथ शुक्रवार (17 फरवरी) को भारत लौट आई.

तुर्किए भूकंप में ऑपरेशन दोस्त मिशन में राहत और बचाव कर भारत लौटी एनडीआरएफ की टीम
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भारत ने शक्तिशाली भूकंप से प्रभावित तुर्किए को तुरंत मानवीय मदद भेजी थी. ऑपरेशन दोस्त के तहत एनडीआरएफ (NDRF) की टीम के 50 से अधिक सदस्यों के साथ खास तरह से ट्रेंड डॉग स्क्वॉड भारतीय वायु सेना के सी17 विमान से तुर्किए पहुंचे थे.इनके साथ जरूरी उपकरण सहित चिकित्सा आपूर्ति, ड्रिलिंग मशीन और सहायता प्रयासों के लिए आवश्यक अन्य उपकरण भी भेजे गए थे. (फोटो-@NDRFHQ)
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भयावह भूकंप की चपेट में आए तुर्किए में भारतीय मिशन ऑपरेशन दोस्त के तो लोग कायल हुए ही, लेकिन जो प्यार लोगों ने डॉग स्कावॉड के मूक सदस्यों पर लुटाया वो शानदार रहा. जब ये डॉग स्कावॉड तुर्किए से वापस लौट रहा था तो वहां के लोगों ने एनडीआरएफ की टीम के साथ इसके लिए तालियां बजाई. भारत आते-आते भी इन्हें प्यार से पुचकारा और इनकी पीठ थपथपाई. जैसे कह रहे हो शुक्रिया दोस्तों इस गम और दर्द में मदद के लिए. (फोटो-@NDRFHQ)
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एनडीआरएफ के ऑपरेशन में शामिल लैब्राडोर नस्ल के डॉग स्क्वॉड आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के कामों के दौरान सूंघने और अन्य अहम कौशल में विशेषज्ञ हैं. (फोटो-@NDRFHQ)
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भूकंप की मार झेल रहे तुर्किए के लिए भारत का ऑपरेशन दोस्त बेहद असरदार मानवीय मदद साबित हुई. भारत वहां मदद देने वालों में सबसे पहला था और सबसे लंबे वक्त टीम वहां रही. इस टीम के डॉग स्कावॉड ने वहां मलबे के नीचे दबे बच्चों और लोगों की जान बचाकर बुरी दुनिया का दिल जीत लिया.(फोटो-@NDRFHQ)
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भारत आने पर भी डॉग स्क्वॉड के सदस्यों रैंबो और हनी का शानदार स्वागत हुए. एनडीआरएफ के सदस्यों सहित उन्हें फूल की मालाएं पहनाई गईं.(फोटो-ANI)
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तुर्किए में 7.8 तीव्रता का भूकंप आने के तुरंत बाद भारत ने 'ऑपरेशन दोस्त' का एलान किया था. इसके तहत भारतीय सेना के एक दल को 60 पैरा फील्ड अस्पताल सेट अप के लिए भेजा. वहीं खोज और बचाव के लिए एनडीआरएफ को भेजा था. (फोटो-ANI)
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ऑपरेशन दोस्त के तहत एनडीआरएफ ने तुर्किए में 6 साल की बच्ची को मलबे से जिंदा बचाकर सुर्खियां बटोरीं थी. इस साहसिक बचाव अभियान का तमगा एनडीआरएफ के डॉग स्क्वायड 'रोमियो' और 'जूली' को दिया गया था. दोनों ने मलबे के नीचे जिंदगियां बचाने में मशीनों को भी मात दे दी थी. (फोटो-@NDRFHQ)
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रोमियो और जूली वहां कामयाब हुए जहां मशीनें नाकाम रहीं थी. टनों मलबे के नीचे छोटी बच्ची के ठिकाने का पता लगाने में डॉग स्क्वायड ने अहम भूमिका निभाई थी. उनकी मदद के बगैर बच्ची की जान बचना मुश्किल ही नामुमकिन था.(फोटो -@adgpi)
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तुर्किए और उत्तर पश्चिमी सीरिया में भूकंप से मरने वालों की संख्या 41,000 के पार चली गई है. (फोटो-@NDRFHQ)
Published at : 17 Feb 2023 04:40 PM (IST)
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राजेश शांडिल्यसंपादक, विश्व संवाद केन्द्र हरियाणा
Opinion