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सच्चाई का सेंसेक्स: तब्लीगी जमात को CM अरविंद केजरीवाल की क्लीनचिट का झूठ

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पूरे देश में लॉकडाउन है. ट्रेन, बस, उड़ान सब बंद हैं. इस माहौल में सोशल मीडिया पर पहुंची एक तस्वीर ने हल्ला मचा दिया है. ये तस्वीर बीजेपी सांसद सौमित्र खान की पत्नी सुजाता की है जो विमान में सवार दिखाई दे रही हैं. दावा किया जा रहा है कि लॉकडाउन में भी बीजेपी सांसद की पत्नी ने कोलकाता के लिए उड़ान भरी. सच्चाई के सेंसेक्स में इस मामले की पड़ताल की गई. दरअसल बीजेपी सांसद सौमित्र खान की पत्नी सुजाता मंडल खान ने अपने फेसबुक पेज पर एक तस्वीर शेयर की थीं जिसके साथ लिखा था कि घर वापस आने का आनंद ही अलग होती है. दावा है कि लॉकडाउन के दौरान सांसद की पत्नी को विशेष उड़ान के जरिए दिल्ली से कोलकाता लाया गया. ट्विटर से लेकर फेसबुक तक सुजाता खान की आलोचना होने लगी. उनकी तस्वीरों को पैदल चलते और फंसे हुए मजदूरों के साथ दिखाया जाने लगा. दोनों तस्वीरों की तुलना की जाने लगी. पड़ताल में दिल्ली में सीधा सुजाता खान के घर मामले की बात की गई जिसमें उन्होंने बताया कि वो 23 मार्च को कोलकाता से दिल्ली आई थीं. लॉकडाउन के बाद से वो दिल्ली में ही हैं. और फेसबुक पर घर को याद करते हुए पुरानी तस्वीरें अपलोड की थीं. लेकिन लोगों ने बिना बात के इसे देश का सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया. पड़ताल में सांसद की पत्नी के लॉकडाउन में विशेष उड़ान के जरिए दिल्ली से कोलकाता आने का दावा झूठा साबित हुआ है.
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सोशल मीडिया पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम से एक चिट्ठी वायरल हो रही है. दावा है कि दिल्ली के सीएम ने तब्लीगी जमात को क्लीनचिट देते हुए गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है. इस पोस्ट के जरिए दावा किया गया है कि केजरीवाल ने तब्लीगी जमात के पक्ष में लिखी चिट्ठी में तब्लीगी जमात को मासूम संगठन बताया है. सोशल मीडिया पर पहुंचा ये दावा हैरान कर रहा है क्योंकि दिल्ली में कोरोना के मामले तब्लीगी जमात की वज़ह से भी बढ़े हैं. दिल्ली पुलिस जमात के मुखिया मौलाना साद के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज कर चुकी है. मौलाना साद का अब तक कोई सुराग नहीं है. ऐसे में ये चिठ्ठी हैरान करने वाली है. पड़ताल में दिल्ली सरकार से बात की गई जिसमें उन्होंने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. इस बारे में दिल्ली सरकार की ओर से दी गई प्रतिक्रिया में कहा गया है कि ऐसा कोई खत दिल्ली सरकार की ओर से नहीं लिखा गया है. बल्कि खुद दिल्ली सरकार और अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल से इस मामले में FIR दर्ज कराने की मांग की थी. पड़ताल में तब्लीगी जमात के लिए गृहमंत्रालय को केजरीवाल के चिट्ठी लिखे जाने का दावा झूठा साबित हुआ है.
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सोशल मीडिया में घर के गेट पर पुलिस के केक काटने का एक वीडियो वायरल है. दावा है वीडियो हरियाणा के पंचकूला का है. दावा ये भी है कि लॉकडाउन में पुलिस ने घर में अकेले रहने वाले एक बुजुर्ग का जन्मदिन मनाया. वायरल वीडियो का सच जानने के लिए पड़ताल की गई. वीडियो में नीली टीशर्ट और जींस पहले एक बुजुर्ग व्यक्ति घर से बाहर आते हैं. फिर सवाल जवाब का सिलसिला शुरू होता है. जिसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए केक काटने को कहते है. ट्वीटर पर ये वीडियो कमिश्नर ऑफ पंचकूला के ट्वीटर हैंडल से शेयर किया गया था. जिसमें लिखा था लॉकडाउन में भी बर्थडे खास हो सकता है. ये वीडियो हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर के ट्वीटर पर भी मिला. साथ ही पड़ताल में मामले को लेकर इंस्पेक्टर नेहा चौहान से बात की गई. जिसमें उन्होंने इस वीडियो की पुष्टि की जिसके बाद वायरल वीडियो उसके साथ किया जा रहा दावा सच्चा है.
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सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर एक मैसेज वायरल है. दावा है कि छत्तीसगढ़ में एक ही समुदाय के 260 कोरोना मरीज भर्ती हुए. इस मैसेज में किसी धर्म विशेष का नाम नहीं लिखा है लेकिन लोग अपने-अपने तरीके से उस मैसेज का मतलब निकाल रहे हैं. मैसेज पढ़कर लोग अंधेरे में तीर ना चलाएं इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज की पड़ताल हुई. छत्तीसगढ़ के AIIMS रायपुर में 260 कोरोना के मरीज भर्ती हुए हैं. सभी एक समुदाय के हैं. मैसेज के आखिर में सवाल पूछा गया है- कि ऐसा क्यों है. मैसेज पढ़ने के बाद लोग किसी समुदाय विशेष पर निशाना ना साधे इसलिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एम्स प्रबंधन के पीआरओ से बात की गई. जिसमें उन्होंने इस बात से इनकार किया कि 260 की संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज रायपुर एम्स लाए गए हैं. जिसके बाद पड़ताल में रायपुर AIIMS में एक समुदाय के 260 कोरोना संक्रमित मरीजों के भर्ती होने का दावा झूठा साबित हुआ.
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प्रशांत कुमार मिश्र, राजनीतिक विश्लेषक
Opinion