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EXCLUSIVE: इजरायल के हमलों से सेंट्रल बेरूत तबाह! बर्बाद हुए शहर की तस्वीरें दहलाने वाली
Israel Attack In Central Beirut: इजरायल सेंट्रल बेरूत पर ड्रोन अटैक कर रहे हैं. सेंट्रल बेरूत के पशूरा इलाके में बड़ी-बड़ी इमारतें और रिहायशी मकानों को टारगेट किया जा रहा है.

बेरूत के आस पास इजरायली हमले तेज हो गए हैं. ड्रोन से अटैक किया जा रहे हैं. रात के वक्त में मिसाइल अटैक किए जाते हैं, एयर स्ट्राइक की जाती है.
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आपको लिए चलते है सेंट्रल बेरूत के पशूरा इलाके में, जहां बड़ी-बड़ी इमारतें और रिहायशी मकानों को टारगेट किया जा रहा है. एबीपी न्यूज के टीम जब बेरूत पहुंची तो उन्होंने वहां की दिल दहला देने वाली तस्वीरें दिखाई.
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सेंट्रल बेरूत के इस इलाके में सिर्फ आवाज आती है. यह ड्रोन होते हैं, जो आसमान में घूमते रहते हैं और ऊपर से अपने टारगेट की तलाश में रहते हैं. इजराइल ने बेरूत में टारगेट करने वाले ड्रोन भेजे है. अब सवाल यह है कि सेंट्रल बेरूत में यह हमला क्यों किया गया है.
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बता दें कि नसरल्लाह के बाद हिजबुल्लाह का चीफ नईम कासिम को बनाया गया है, जिसके हाथ में हिजबुल्ला की बागडोर सौंपी गई है. खबर थी कि कासिम पशूरा इलाके में है. इस इलाके को कासिम का अड्डा मानते हुए टारगेट किया गया.
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इजरायली ड्रोन ने एक 15 मंजिली इमारत के दूसरे माले को इस कदर टारगेट किया कि आसपास की इमारतों को भी जबरदस्त नुकसान हुआ. यहां मौजूद लोगों ने एबीपी न्यूज की टीम को बताया कि इस इमारत में सिविल डिफेंस से जुड़े लोग रहते थे. यह वह लोग होते हैं जो ग्राउंड पर मदद पहुंचाते हैं.
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एजेंसियों का ऐसा कहना था कि इस इमारत में हिज्बुल्लाह के कमांडर के होने की खबर थी, इसलिए इजराइल ने रात के अंधेरे में इस बिल्डिंग को टारगेट बनाया. पशूरा कि इस बिल्डिंग पर हमला करने से आसपास बड़ा नुकसान हुआ है. जानकारी के मुताबिक इस अटैक में सात लोगों की मौत हो चुकी है और दो लोग अब भी लापता है.
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अब बड़ा सवाल यह है कि इस 15 मंजिली बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर ऐसी कौन सी मीटिंग चल रही थी, जिसे देखते हुए यहां पर ड्रोन से अटैक किया गया. जब वहां के लोकल व्यक्ति से पूछा गया कि आखिर यहां क्या हुआ और कितने लोग मारे गए तो उन्होंने कहा कि हम आपको इसकी कोई जानकारी नहीं दे सकते.
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बेरूत के स्थानीय लोगों को यह समझ नहीं आ रहा है कि न सिर्फ दक्षिणी लेबनान बल्कि बेरूत के आसपास के इलाकों को भी क्या खाली करना पड़ेगा. हिजबुल्लाह के लिए चुनौती इसलिए भी है क्योंकि जितने ज्यादा लोग यहां से बाहर निकाले जाएंगे उतना ही उसपर दबाव बढ़ता जाएगा. इससे हिजबुल्लाह कि पॉलिटिकल पावर कमजोर होने लगेगी और इजरायल यह जानता है कि हिजबुल्लाह को न केवल जमीनी और आसमानी अटैक करके डराया जा सकता है बल्कि जनता के मन में उसे लेकर जो तस्वीर है वह भी बदलेगी.
Published at : 04 Oct 2024 11:22 AM (IST)
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