एक्सप्लोरर
Flight Safety: फ्लाइट की सबसे सुरक्षित सीटें कौन सी? मिल गया जवाब, हवाई यात्रा से पहले जरूर पढ़ें
Plane Crash: पिछले हफ्ते कजाकिस्तान और दक्षिण कोरिया में दो विमान दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 217 लोग मारे गए. इन हादसों ने विमान सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

पिछले हफ्ते कजाकिस्तान और दक्षिण कोरिया में हुई दो बड़ी फ्लाइट हादसे ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कजाकिस्तान में अजरबैजान एयरलाइंस की फ्लाइट कैस्पियन सागर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमें 38 लोग मारे गए. वहीं दक्षिण कोरिया में जेजू एयर की फ्लाइट आपातकालीन लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गई जिसमें 179 लोग मारे गए. ये दुर्घटना दक्षिण कोरिया के इतिहास की सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है.
1/7

दोनों दुर्घटनाओं में एक खास समानता रही जीवित बचे लोग विमान के पिछले हिस्से से निकाले गए. अजरबैजान एयरलाइंस की दुर्घटना में कई यात्री पिछले हिस्से से बचाए गए जबकि दक्षिण कोरिया दुर्घटना में बचे दो चालक दल के सदस्य भी विमान की पिछली सीटों से निकले. इससे सवाल उठता है कि क्या फ्लाइट के पिछले हिस्से में बैठना वास्तव में ज्यादा सुरक्षित है?
2/7

आंकड़ों के मुताबिक फ्लाइट से ट्रैवल करना अब भी दुनिया के सबसे सुरक्षित परिवहन साधनों में से एक है. 2023 में हवाई यात्रा में मृत्यु दर प्रति अरब यात्रियों पर मात्र 17 रही जो 2022 में 50 थी. इससे ये साबित होता है कि तकनीकी प्रगति के साथ फ्लाइट से ट्रैवल करना ज्यादा सुरक्षित मानी जा रही है.
3/7

कई रिसर्च करने के बाद फ्लाइट की पिछली सीटों को अपेक्षाकृत ज्यादा सुरक्षित माना गया है. 'पॉपुलर मैकेनिक्स' की ओर से किए गए एक स्टडी में पाया गया कि पिछले हिस्से में बैठे यात्रियों के बचने की संभावना 40% तक ज्यादा होती है. इसके उलट अगली सीटें अक्सर ज्यादा जोखिम में होती हैं क्योंकि वे टक्कर या क्रैश लैंडिंग के समय सबसे पहले इफेक्ट होती हैं.
4/7

फ्लाइट के पिछले हिस्से में बैठने वाले यात्रियों को पीछे के इमरजेंसी एग्जिट के पास होने की वजह से जल्दी निकाले जाने का फायदा मिलता है. हालांकि अगर क्रैश के दौरान फ्लाइट का पिछला हिस्सा पहले जमीन से टकराती है तो पिछले हिस्से में बैठने वाले यात्रियों के लिए खतरा बढ़ जाता है.
5/7

फ्लाइट में सेंटर वाले हिस्से को भी सुरक्षित माना जाता है खासकर यदि ये इमरजेंसी एग्जिट के पास हो. हालांकि पंखों के पास बैठने वाले यात्रियों के लिए ईंधन टैंक विस्फोट का खतरा बढ़ सकता है क्योंकि पंखों में ईंधन भरा होता है. फिर भी मध्य भाग की सीटें संतुलित सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं.
6/7

TIME मैगजीन के 2015 के स्टडी में दावा किया कि फ्लाइट के पिछली मध्य भाग की सीटों पर मृत्यु दर सबसे कम (28%) है. FAA का मानना है कि दुर्घटना की प्रकृति, प्रभाव की तीव्रता और बाकी परिस्थितियां तय करती हैं कि कौन सा भाग ज्यादा सुरक्षित है.
7/7

हालांकि सीट की जगह आपके सुरक्षा को इफेक्ट कर सकता है, लेकिन विमान यात्रा में सबसे जरूरी है सुरक्षा निर्देशों का पालन करना. विमान यात्रा अब भी सबसे सुरक्षित है, लेकिन इसके जोखिम क्रैश की स्थिति, ह्यूमन एरर और तकनीकी विफलताओं पर निर्भर करते हैं. साथ ही यात्रियों को यात्रा के दौरान सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देनी चाहिए.
Published at : 31 Dec 2024 08:32 AM (IST)
और देखें
Advertisement
ट्रेंडिंग न्यूज
Advertisement
Advertisement
टॉप हेडलाइंस
विश्व
इंडिया
बॉलीवुड
आईपीएल
Advertisement


रामधनी द्विवेदीवरिष्ठ पत्रकार
Opinion