एक्सप्लोरर

Dwarkadhish Temple: भगवान कृष्ण के परपोते द्वारा बनाया गया वो मंदिर जहां पर है 'स्वर्ग द्वार', देखें सुंदर तस्वीरें

(द्वारकाधीश मंदिर की तस्वीरें, फोटो क्रेडिट- गुजरात टूरिज्म)

1/6
देवभूमि द्वारका में आने वाले पर्यटकों के लिए द्वारकाधीश मंदिर मुख्य आकर्षणों में से एक है. ऐसा माना जाता है कि द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण के परपोते वज्रनाभ द्वारा 2500 साल पहले स्थापित किया गया था. प्राचीन मंदिर का कई बार जीर्णोद्धार किया गया है. ये खूबसूरत मंदिर एक छोटी सी पहाड़ी पर खड़ा है, जहां जाने के लिए 50 से अधिक सीढ़ियां हैं. इस मंदिर में तराशी हुई दीवारें हैं जो मुख्य कृष्ण की मूर्ति के साथ-साथ मंदिर को और सुंदर बनाती है. मंदिर परिसर के चारों ओर अन्य छोटे-छोटे मंदिर हैं. इस मंदिर की दीवारों पर पौराणिक चरित्रों को खूब बारीकी से उकेरा गया है, जिसकी खूबसूरती देखकर आपका मन खुश हो जाएगा. मंदिर के प्रवेश और निकास के लिए दो दरवाजे हैं. एक दरवाजे का नाम स्वर्ग है और दूसरे दरवाजे का नाम मोक्ष है.
देवभूमि द्वारका में आने वाले पर्यटकों के लिए द्वारकाधीश मंदिर मुख्य आकर्षणों में से एक है. ऐसा माना जाता है कि द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण के परपोते वज्रनाभ द्वारा 2500 साल पहले स्थापित किया गया था. प्राचीन मंदिर का कई बार जीर्णोद्धार किया गया है. ये खूबसूरत मंदिर एक छोटी सी पहाड़ी पर खड़ा है, जहां जाने के लिए 50 से अधिक सीढ़ियां हैं. इस मंदिर में तराशी हुई दीवारें हैं जो मुख्य कृष्ण की मूर्ति के साथ-साथ मंदिर को और सुंदर बनाती है. मंदिर परिसर के चारों ओर अन्य छोटे-छोटे मंदिर हैं. इस मंदिर की दीवारों पर पौराणिक चरित्रों को खूब बारीकी से उकेरा गया है, जिसकी खूबसूरती देखकर आपका मन खुश हो जाएगा. मंदिर के प्रवेश और निकास के लिए दो दरवाजे हैं. एक दरवाजे का नाम स्वर्ग है और दूसरे दरवाजे का नाम मोक्ष है.
2/6
ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण उत्तर प्रदेश के ब्रज से शहर बनाने के लिए यहां पहुंचे थे. मंदिर की स्थापना उनके पोते ने की थी. यह गोमती नदी और अरब सागर के मध्य में है, जो आध्यात्मिक स्थल को एक सुंदर पृष्ठभूमि प्रदान करता है.
ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण उत्तर प्रदेश के ब्रज से शहर बनाने के लिए यहां पहुंचे थे. मंदिर की स्थापना उनके पोते ने की थी. यह गोमती नदी और अरब सागर के मध्य में है, जो आध्यात्मिक स्थल को एक सुंदर पृष्ठभूमि प्रदान करता है.
3/6
ऐसा कहा जाता है कि द्वारका छह बार समुद्र में डूबा था और अब हम जो देखते हैं वह उसका सातवां अवतार है. मंदिर में अपने आप में एक आकर्षक कथा है. 1472 में महमूद बेगड़ा द्वारा मूल संरचना को नष्ट कर दिया गया था, और बाद में 15वीं-16वीं शताब्दी में इसका पुनर्निर्माण किया गया.
ऐसा कहा जाता है कि द्वारका छह बार समुद्र में डूबा था और अब हम जो देखते हैं वह उसका सातवां अवतार है. मंदिर में अपने आप में एक आकर्षक कथा है. 1472 में महमूद बेगड़ा द्वारा मूल संरचना को नष्ट कर दिया गया था, और बाद में 15वीं-16वीं शताब्दी में इसका पुनर्निर्माण किया गया.
4/6
घूमने का सबसे अच्छा समय: द्वारकाधीश मंदिर देवभूमि द्वारका में स्थित है. इस मंदिर में घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर और फरवरी के बीच, और जन्माष्टमी के दौरान माना जाता है. यहां भव्य रूप से जन्माष्ठमी मनाई जाती है.
घूमने का सबसे अच्छा समय: द्वारकाधीश मंदिर देवभूमि द्वारका में स्थित है. इस मंदिर में घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर और फरवरी के बीच, और जन्माष्टमी के दौरान माना जाता है. यहां भव्य रूप से जन्माष्ठमी मनाई जाती है.
5/6
द्वारकाधीश मंदिर में जाने की टाइमिंग: द्वारकाधीश मंदिर में आप 7AM-12:30PM और 5PM-9PM तक जा सकते हैं.
द्वारकाधीश मंदिर में जाने की टाइमिंग: द्वारकाधीश मंदिर में आप 7AM-12:30PM और 5PM-9PM तक जा सकते हैं.
6/6
द्वारकाधीश मंदिर कैसे जाएं: द्वारकाधीश मंदिर के लिए यहां बस, ट्रेन और फ्लाइट चलती है. आप किसी भी माध्यम से यहां पहुंच सकते हैं. द्वारका में बस और रेल की अच्छी कनेक्टिविटी है. अगर आप फ्लाइट से आना चाहते हैं तो बता दें, द्वारका के नजदीक दो एयरपोर्ट हैं. पहला पोरबंदर (95 किमी) और दूसरा जामनगर (145 किमी) हैं.
द्वारकाधीश मंदिर कैसे जाएं: द्वारकाधीश मंदिर के लिए यहां बस, ट्रेन और फ्लाइट चलती है. आप किसी भी माध्यम से यहां पहुंच सकते हैं. द्वारका में बस और रेल की अच्छी कनेक्टिविटी है. अगर आप फ्लाइट से आना चाहते हैं तो बता दें, द्वारका के नजदीक दो एयरपोर्ट हैं. पहला पोरबंदर (95 किमी) और दूसरा जामनगर (145 किमी) हैं.

गुजरात फोटो गैलरी

गुजरात वेब स्टोरीज

और देखें
Advertisement
Advertisement
Fri Feb 28, 1:35 pm
नई दिल्ली
23.2°
बारिश: 0 mm    ह्यूमिडिटी: 71%   हवा: E 6.4 km/h
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

'पूरी कांग्रेस को डुबो दिया, अब कितनी डुबकी लगाएंगे', महाकुंभ को लेकर जीतन राम मांझी का राहुल गांधी पर तंज
'पूरी कांग्रेस को डुबो दिया, अब कितनी डुबकी लगाएंगे', महाकुंभ को लेकर जीतन राम मांझी का राहुल गांधी पर तंज
दिल्ली विधानसभा में कैग की दूसरी रिपोर्ट पेश, हेल्थ सेक्टर पर चौंकाने वाले खुलासे
दिल्ली विधानसभा में कैग की दूसरी रिपोर्ट पेश, हेल्थ सेक्टर पर चौंकाने वाले खुलासे
Champions Trophy 2025: भारत-न्यूजीलैंड के बीच दुबई में मुकाबला, बॉलर या बैटर, किसका साथ देगी पिच?
भारत-न्यूजीलैंड के बीच दुबई में मुकाबला, बॉलर या बैटर, किसका साथ देगी पिच?
मोनोकिनी पहन अनुष्का सेन ने फ्लॉन्ट किया फिगर, फैंस बोले- 'पानी की रानी'
मोनोकिनी पहन अनुष्का सेन ने फ्लॉन्ट किया फिगर, फैंस बोले- 'पानी की रानी'
Advertisement
ABP Premium

वीडियोज

नीतीश कुमार ही चेहरा या सिर्फ मोहरा बिहार बीजेपी का असली प्लान क्या है?Mahadangal with Chitra Tripathi: सियासी चर्चा में निशांत... नीतीश क्यों शांत?  Bihar Politics | ABP NewsBihar Politics: 'दलबदली' पर कंचना यादव ने धीरेंद्र कुमार को सुनाई 'खरी-खोटी'! | ABP NewsRashtriya Jagran की सच्ची Shooting Location ,Jallianwala Bagh की Thriller कहानी, फ़िल्में Ram Madhvani ने बताया.

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'पूरी कांग्रेस को डुबो दिया, अब कितनी डुबकी लगाएंगे', महाकुंभ को लेकर जीतन राम मांझी का राहुल गांधी पर तंज
'पूरी कांग्रेस को डुबो दिया, अब कितनी डुबकी लगाएंगे', महाकुंभ को लेकर जीतन राम मांझी का राहुल गांधी पर तंज
दिल्ली विधानसभा में कैग की दूसरी रिपोर्ट पेश, हेल्थ सेक्टर पर चौंकाने वाले खुलासे
दिल्ली विधानसभा में कैग की दूसरी रिपोर्ट पेश, हेल्थ सेक्टर पर चौंकाने वाले खुलासे
Champions Trophy 2025: भारत-न्यूजीलैंड के बीच दुबई में मुकाबला, बॉलर या बैटर, किसका साथ देगी पिच?
भारत-न्यूजीलैंड के बीच दुबई में मुकाबला, बॉलर या बैटर, किसका साथ देगी पिच?
मोनोकिनी पहन अनुष्का सेन ने फ्लॉन्ट किया फिगर, फैंस बोले- 'पानी की रानी'
मोनोकिनी पहन अनुष्का सेन ने फ्लॉन्ट किया फिगर, फैंस बोले- 'पानी की रानी'
असली काम पर वापस लौटे पीके, बिहार में जनसुराज का क्या होगा?
असली काम पर वापस लौटे पीके, बिहार में जनसुराज का क्या होगा?
इस वुमेंस डे अपनी पसंदीदा औरत को दें ये तोहफे, कई सालों तक रहेगा याद
इस वुमेंस डे अपनी पसंदीदा औरत को दें ये तोहफे, कई सालों तक रहेगा याद
स्टालिन का हिंदी विरोध केवल सियासी जमाखर्ची, भाषाओं के नाम पर बंद हो राजनीति
स्टालिन का हिंदी विरोध केवल सियासी जमाखर्ची, भाषाओं के नाम पर बंद हो राजनीति
अंग्रेजों की शादी में बंदरों की घुसपैठ, हल्दी सेरेमनी में कूदकर की ऐसी हरकत
अंग्रेजों की शादी में बंदरों की घुसपैठ, हल्दी सेरेमनी में कूदकर की ऐसी हरकत
Embed widget