Devi Temples in MP: नवरात्रि में एमपी के देवी मंदिरों में लगती है भक्तों की भारी भीड़, जानिए क्या है मान्यता
Chaitra Navratri 2022: देश में 2 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के स्वरूपों की पूजा की जाती है. इसके साथ ही माता के भक्त इन पवित्र नौ दिनों में कई प्रसिद्ध मंदिरों में जाकर भी दर्शन करते हैं. लोगों को मानना है कि इन मंदिरों में माता का वास है और वो भक्तों के दुखों का निवारण करती हैं. अगर आप भी माता के दर्शन करना चाहता है तो आज हम आपके लिए मध्यप्रदेश के कुछ फेमस मंदिरों के बारे में जा रहे हैं जहां आप दर्शन कर माता का आशीर्वाद ले सकते हैं...
माता पीतांबरा पीठ, दतिया - मध्य प्रदेश और यूपी के बॉर्डर पर स्थित दतिया शहर में ये मंदिर है. जिसे तपस्थली के नाम से भी जाना जाता है. इस मंदिर का निर्माण साल 1920 में श्री स्वामी जी ने करवाया था.
कवलका माता मंदिर, रतलाम – ये मंदिर एमपी के रतलाम में स्थित है. जोकि 300 साल पुराना है. लोगों की मानना है कि इस मंदिर में माता कवलका, मां काली और काल भैरव बाबा की मूर्तियां मदिरापान करती हैं. इस कारण लोग मां को प्रसन्न करने के लिए यहां पर मदिरा का भोग लगाते हैं.
मां चामुंडा और तुलजा भवानी मंदिर, देवास – एमपी के देवास में स्थित ये मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक है. कहा जाता है कि ये वो शक्तिपीठ है जहां माता सती का रक्त गिरा था. मंदिर क्षिप्रा नदी के पूर्वी तट पर बना हुआ है.
बिजासन देवी मंदिर - इंदौर के इस प्रसिद्ध मंदिर में 9 देवियों की प्रतिमाएं स्थापित है. तंत्र मंत्र के लिए प्रसिद्ध इस चमत्कारी मंदिर को सिद्ध पीठ माना जाता है.
मांढरे की माता मंदिर, ग्वालियर - मांढरे की माता का मंदिर कंपू क्षेत्र के कैंसर पहाड़ी पर बना हुआ है. जिसमें महिषासुर मर्दिनी मां महाकाली की अष्टभुजा प्रतिमा स्थापित है. इस मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.