Mahakal Sahi Sawari: शाही ठाठ-बाट के साथ भगवान महाकाल नगर भ्रमण पर निकले, उमड़ा भक्तों का सैलाब
भद्र माह के दूसरे सोमवार भगवान महाकाल की शाही सवारी निकली, जिसका शिव भक्तों ने पलक पावड़े बिछाकर स्वागत किया.
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View In Appइस बार सवारी में पहले से ज्यादा सुरक्षा इंतजाम किए गए थे. भगवान महाकाल ने अलग-अलग 10 रूपों में प्रजा को दर्शन दिए.
भगवान महाकाल के दरबार में सावन और भादो दोनों ही महीने शिव भक्ति और आराधना को लेकर विशेष उत्सव मनाया जाता है.
सावन के साथ-साथ भादो मास के प्रथम दो सोमवार भगवान महाकाल की सवारी निकलती है. यह परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है.
शाही सवारी के साथ ही सावन भादो महोत्सव का समापन होता है. भादो माह के दूसरे सोमवार भगवान महाकाल नगर भ्रमण पर निकले.
भगवान महाकाल का मंदिर परिसर में शासकीय पुजारी घनश्याम गुरु द्वारा पूजन किया गया. इसके बाद शाही ठाठ-बाट के साथ भगवान नगर भ्रमण पर निकले.
शाही सवारी में भगवान महाकाल चंद्रमौलश्वर रूप में प्रजा को दर्शन दिए. इसके अलावा घटा टोप, शिव तांडव, होलकर, सप्तधान सहित 10 अलग-अलग रूपों में भगवान महाकाल के दर्शन हुए.
अब शिव भक्तों को सावन और भादो मास में भगवान महाकाल की सवारी के दर्शन करने के लिए एक साल तक इंतजार करना पड़ेगा.
महाकालेश्वर मंदिर में शाही सवारी के साथ ही सावन भादो महोत्सव का समापन हो गया है. सावन और भादो मास में भगवान महाकाल की जब जब सवारी निकलती है तो शाम 4 बजे सवारी मंदिर से रवाना होती है.
वहीं 7 बजे के पहले सवारी फिर मंदिर में दाखिल हो जाती है. मगर शाही सवारी में समय का भी परिवर्तन रहता है. महाकालेश्वर मंदिर से शाही सवारी 4:00 बजे जरूर निकलती है मगर यह 10:30 बजे के पहले मंदिर पहुंचती है. 10:30 बजे मंदिर में शयन आरती के बाद कपाट बंद हो जाते हैं.
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