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Ascot Hill Station: पहाड़ों की गोद में बसा अस्कोट, अब तक अनछुआ है उत्तराखंड का ये टूरिस्ट स्पॉट

अस्कोट के टूरिस्ट प्लेस

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Ascot Tourist Place: घूमने फिरने के शौकीन हैं और नई जगहों की तलाश में रहने वाले पर्यटक के तौर पर जाने जाते हैं तो देश में बहुत सारी ऐसी जगहें हैं जिनको आप ना सिर्फ एक्सप्लोर कर सकते हैं बल्कि यहां जाकर आपको बेस्ट एक्सपीरियंस होने वाला है. पर्यटकों और पहाड़ का हमेशा से ही एक अटूट नाता रहा है. पहाड़ों की बात हो और देवभूमि उत्तराखंड का जिक्र छूट जाए, ऐसा संभव नहीं है. आज हम आपको उत्तराखंड के खूबसूरत पहाड़ों के बीच बसी एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे जहां आप एक संपूर्ण यात्रा का आनंद उठा सकते हैं. बात कर रहे हैं उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में मौजूद अस्कोट की.
Ascot Tourist Place: घूमने फिरने के शौकीन हैं और नई जगहों की तलाश में रहने वाले पर्यटक के तौर पर जाने जाते हैं तो देश में बहुत सारी ऐसी जगहें हैं जिनको आप ना सिर्फ एक्सप्लोर कर सकते हैं बल्कि यहां जाकर आपको बेस्ट एक्सपीरियंस होने वाला है. पर्यटकों और पहाड़ का हमेशा से ही एक अटूट नाता रहा है. पहाड़ों की बात हो और देवभूमि उत्तराखंड का जिक्र छूट जाए, ऐसा संभव नहीं है. आज हम आपको उत्तराखंड के खूबसूरत पहाड़ों के बीच बसी एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे जहां आप एक संपूर्ण यात्रा का आनंद उठा सकते हैं. बात कर रहे हैं उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में मौजूद अस्कोट की.
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अस्कोट को एक अनछुई टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी माना जा सकता है क्योंकि यहां टूरिज्म अभी शुरुआती दौर में ही है. पिथौरागढ़ के डीडीहाट में मौजूद अस्कोट का मतलब होता है अस्सी कोट...यानि अस्सी किले. दरअसल एक वक्त था जब इस इलाके में अस्सी किले होते थे. अगर आप इस इलाके में घूमने आएंगे तो आपको इन किलों के अवशेष आज भी देखने को मिल जाएंगे.
अस्कोट को एक अनछुई टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी माना जा सकता है क्योंकि यहां टूरिज्म अभी शुरुआती दौर में ही है. पिथौरागढ़ के डीडीहाट में मौजूद अस्कोट का मतलब होता है अस्सी कोट...यानि अस्सी किले. दरअसल एक वक्त था जब इस इलाके में अस्सी किले होते थे. अगर आप इस इलाके में घूमने आएंगे तो आपको इन किलों के अवशेष आज भी देखने को मिल जाएंगे.
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यहां की खूबसूरत वादियां, ढलान पर खूबसूरत रास्ते खासियत में शुमार है. यहीं से मानसरोवर यात्रा की शुरुआत भी होती है. इस इलाके में कई खूबसूरत वॉटरफॉल और व्यू प्वॉइंट हैं जहां आप फैमिली और दोस्तों के साथ आप क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं.
यहां की खूबसूरत वादियां, ढलान पर खूबसूरत रास्ते खासियत में शुमार है. यहीं से मानसरोवर यात्रा की शुरुआत भी होती है. इस इलाके में कई खूबसूरत वॉटरफॉल और व्यू प्वॉइंट हैं जहां आप फैमिली और दोस्तों के साथ आप क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं.
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अस्कोट सैंक्चुरी भी यहां का आकर्षण है. इस सैंक्चुरी की स्थापना साल 1986 में हुई थी और यहां बर्फीले पहाड़ों के बीच इस अभ्यारण्य में वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक खास अनुभव का मौका है. इसके अलावा करीब पंद्रह किलोमीटर की दूरी पर मौजूद जौलजीबी भी एक खूबसूरत जगह है. खूबसूरत वादियों से घिरा ये इलाका पर्यटकों के लिए खास अनुभव साबित होता है.
अस्कोट सैंक्चुरी भी यहां का आकर्षण है. इस सैंक्चुरी की स्थापना साल 1986 में हुई थी और यहां बर्फीले पहाड़ों के बीच इस अभ्यारण्य में वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक खास अनुभव का मौका है. इसके अलावा करीब पंद्रह किलोमीटर की दूरी पर मौजूद जौलजीबी भी एक खूबसूरत जगह है. खूबसूरत वादियों से घिरा ये इलाका पर्यटकों के लिए खास अनुभव साबित होता है.
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इसके अलावा नारायण स्वामी आश्रम में कैलाश मानसरोवर के यात्रियों के लिए खास व्यवस्था की जाती है. साथ ही यहां आप आध्यात्मिक चिंतन और कार्यशाला में भी हिस्सा ले सकते हैं. यहां की शांति आपका मन मोह लेगी. अगर आप किसी शांत जगह पर जाना चाहते हैं तो अस्कोट का नारायण स्वामी आश्रम अच्छा ऑप्शन है.
इसके अलावा नारायण स्वामी आश्रम में कैलाश मानसरोवर के यात्रियों के लिए खास व्यवस्था की जाती है. साथ ही यहां आप आध्यात्मिक चिंतन और कार्यशाला में भी हिस्सा ले सकते हैं. यहां की शांति आपका मन मोह लेगी. अगर आप किसी शांत जगह पर जाना चाहते हैं तो अस्कोट का नारायण स्वामी आश्रम अच्छा ऑप्शन है.
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अस्कोट में सड़क मार्ग खत्म हो जाता है. यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन पैदल यात्रा का ही है. इसमें आपको इलाके का हर पहलू एक्सप्लोर करने के साथ साथ तमाम अच्छे व्यू प्वॉइंट देखने को मिलेंगे.
अस्कोट में सड़क मार्ग खत्म हो जाता है. यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन पैदल यात्रा का ही है. इसमें आपको इलाके का हर पहलू एक्सप्लोर करने के साथ साथ तमाम अच्छे व्यू प्वॉइंट देखने को मिलेंगे.
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यहां आपको ठहरने के लिए भी फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के रेस्ट हाउस या फिर होमस्टे का ही सहारा लेना होगा. क्योंकि इस इलाके में आपको कोई बड़ा होटल या फिर रिजॉर्ट नहीं मिलेगा. ऐसे में यहां जाएं तो पूरी तैयारी के साथ ही जाएं.
यहां आपको ठहरने के लिए भी फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के रेस्ट हाउस या फिर होमस्टे का ही सहारा लेना होगा. क्योंकि इस इलाके में आपको कोई बड़ा होटल या फिर रिजॉर्ट नहीं मिलेगा. ऐसे में यहां जाएं तो पूरी तैयारी के साथ ही जाएं.

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