Data Security: बिना सोचे समझे फोन में कभी नहीं देनी चाहिए ये परमीशन, पड़ जाएंगे मुसीबत में

आजकल हर कोई यही बोलता है कि फोन आपकी सारी बात सुनता और देखता है. ऐसे में उनको यह नहीं पता होता कि जो फोन उनकी बाते सुन रहा है उसकी परमिशन वो अनजाने में फोन को खुद ही देते हैं. ऐप डाउनलोड करते ही एक सवाल पूछता है Allow करें या Deny करें? ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे Allow पर क्लिक कर देते हैं, क्योंकि उन्हें जल्दी से ऐप यूज करनी होती है. यही छोटी सी आदत बाद में बड़ी मुसीबत बन जाती है. ऐसे में कई बार ऐप्स को ऐसी परमीशन मिल जाती है जिसका उनके काम से कोई लेना-देना ही नहीं होता और वो आपकी निजी जानकारी चुराकर गलत इस्तेमाल कर लेते हैं.
सबसे पहली परमीशन है लोकेशन. बहुत सारे ऐप्स ऐसे होते हैं जिन्हें आपकी लोकेशन जानने की जरूरत ही नहीं होती, फिर भी वो परमीशन मांगते हैं. मान लीजिए कोई कैलकुलेटर ऐप या टॉर्च ऐप आपसे लोकेशन मांगे तो यह बिल्कुल भी सही नहीं है. ऐसी परमीशन देने से कंपनियां ये जान लेती हैं कि आप दिनभर कहां-कहां जाते हैं, और कई बार तो इस डेटा को बेचकर पैसे भी कमाती हैं. इससे आपकी प्राइवेसी पूरी तरह खतरे में आ जाती है.
दूसरी जरूरी चीज है कैमरा और माइक्रोफोन की परमीशन. ये दोनों परमीशन सबसे ज्यादा प्राइवेसी मानी जाती हैं, क्योंकि अगर किसी गलत ऐप को ये एक्सेस मिल गया, तो वो बिना आपकी जानकारी के आपकी फोटो खींच सकता है या आपकी बातें रिकॉर्ड कर सकता है. ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां लोगों की प्राइवेट बातें लीक हो गईं, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने बिना सोचे किसी ऐप को माइक्रोफोन की परमीशन दे दी थी.
तीसरी परमीशन है कॉन्टैक्ट्स यानी आपकी फोन बुक. कई ऐप्स आपके सारे कॉन्टैक्ट्स की लिस्ट मांग लेते हैं, जबकि उनके काम के लिए इसकी कोई जरूरत नहीं होती. ये डेटा चुराकर आपके दोस्तों और रिश्तेदारों को भी स्पैम मैसेज या फ्रॉड कॉल आने लगते हैं. इसलिए जब भी कोई ऐप कॉन्टैक्ट्स मांगे, पहले ये सोचिए कि क्या इस ऐप को सच में इसकी जरूरत है या नहीं.
चौथी खतरनाक परमीशन है SMS एक्सेस. ये परमीशन सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि अगर कोई फेक ऐप आपके मैसेज पढ़ सकता है, तो वो आपके बैंक का OTP भी पढ़ सकता है. इससे आपके बैंक अकाउंट से पैसे चोरी होने का खतरा भी बहुत बढ़ जाता है. कई बार ऐसे मामले सामने भी आते हैं की उनको कोई कॉल या मेसेज भी नहीं आये फिर भी उनके बैंक से पैसे चोरी हो गए.
पांचवीं परमीशन है स्टोरेज और फाइल एक्सेस. इससे ऐप आपके फोन की सारी फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट देख सकता है. अगर ये डेटा गलत हाथों में चला जाए, तो आपकी पर्सनल फोटो भी लीक हो सकती हैं. इसके अलावा एक्सेसिबिलिटी परमीशन भी बहुत खतरनाक होती है, क्योंकि इससे ऐप आपकी स्क्रीन पर हो रही हर एक्टिविटी देख सकता है, यहां तक कि आप पासवर्ड कहां टाइप कर रहे हैं, ये भी जान सकता है.
ऐसे में कई लोगों के दिमाग में ये सवाल आटा है कि वे करें क्या, ऐसे में बता दें की सबसे आसान तरीका है कि जब भी कोई ऐप परमीशन मांगे, तो एक उससे ध्यान से जरूर पड़े और सोचिए की जो ऐप आप यूज करने जा रहे हैं उसे उस परमिशन की जरूरत है या नही. अगर जरूरत समझ न आए, तो बेझिझक Deny कर दीजिए. साथ ही फोन की सेटिंग में जाकर समय-समय पर चेक करते रहिए कि किस ऐप को कौन सी परमीशन दी हुई है, और जिनकी जरूरत नहीं है उन्हें तुरंत बंद कर दें.