भारत बेहद विशाल देश हैं, जिसमें 28 राज्य और करीब 718 जिले आते हैं. ऐसे में भारतीय डाक विभाग ने अपनी डाक सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर क्षेत्र को एक यूनीक नंबर दिया है, जिसे हम पिन कोड के नाम से जानते हैं. इसी पिन कोड की मदद से देश के हर जिले, कस्बे और गांव तक डाक पहुंचती है. पिन कोड का मतलब पोस्टल इंडेक्स नंबर कोड होता है, जिसे जिप कोड या इलाके के पोस्टल कोड के रूप में भी जाना जाता है. यह बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि देश का पूरा पोस्टल सिस्टम इसके आसपास काम करता है। ज़िप कोड आपके पते से संबंधित सभी जानकारी देता है. पत्रों से लेकर कुरियर या ऑनलाइन खरीदारी तक सभी तरह के सामान की डिलीवरी इस कोड के आधार पर की जाती है. यह छह नंबरों का कोड होता है, जो उस क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी दे देता है, जहां भी आप रहते हैं. दरअसल, हर नंबर को एक खास इलाके के लिए तैयार किया गया है. बता दें कि भारत को छह विशेष क्षेत्रों में बांटा गया है और हर पिन कोड किसी न किसी खास इलाके की जानकारी देता है. यह राज्य, जिला और डाकघर का नाम भी बताता है.
पिन कोड फाइंडर
भारत बेहद विशाल देश हैं, जिसमें 28 राज्य और करीब 718 जिले आते हैं. ऐसे में भारतीय डाक विभाग ने अपनी डाक सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर क्षेत्र को एक यूनीक नंबर दिया है, जिसे हम पिन कोड के नाम से जानते हैं. इसी पिन कोड की मदद से देश के हर जिले, कस्बे और गांव तक डाक पहुंचती है. पिन कोड का मतलब पोस्टल इंडेक्स नंबर कोड होता है, जिसे जिप कोड या इलाके के पोस्टल कोड के रूप में भी जाना जाता है. यह बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि देश का पूरा पोस्टल सिस्टम इसके आसपास काम करता है। ज़िप कोड आपके पते से संबंधित सभी जानकारी देता है. पत्रों से लेकर कुरियर या ऑनलाइन खरीदारी तक सभी तरह के सामान की डिलीवरी इस कोड के आधार पर की जाती है. यह छह नंबरों का कोड होता है, जो उस क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी दे देता है, जहां भी आप रहते हैं. दरअसल, हर नंबर को एक खास इलाके के लिए तैयार किया गया है. बता दें कि भारत को छह विशेष क्षेत्रों में बांटा गया है और हर पिन कोड किसी न किसी खास इलाके की जानकारी देता है.यह राज्य, जिला और डाकघर का नाम भी बताता है.
POST OFFICE LIST OF HIMACHAL PRADESH - SOLAN DISTRICT
FAQs
क्या होता है पिन कोड?
ज़िप कोड क्या होता है?
28 राज्यों और करीब 718 जिलों वाले देश भारत में इलाकों की पहचान के लिए भारतीय डाक विभाग ने हर जिले, गांव और कस्बे का पिन कोड बनाया है. इसी पिन कोड की मदद से डाक विभाग अपनी पोस्टल सेवाएं संचालित करता है. जिप कोड डाक सूचकांक संख्या को कहते हैं. यह बेहद अहम होता है, क्योंकि देश का पूरा पोस्टल सिस्टम इसके आधार पर ही काम करता है. ज़िप कोड आपके पते से संबंधित सभी जानकारी देता है. चिट्ठी-पत्र से लेकर कुरियर या ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से आने वाले सामान की डिलीवरी भी जिप कोड के आधार पर होती है. छह नंबरों से बना यह कोड उस क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी देता है.
पिन कोड का फॉर्मेट कैसा होता है?
भारत में डाक विभाग ने पिन कोड को 6 अंकों से तैयार किया है. पिन कोड का पहला अंक देश के भौगोलिक क्षेत्रों में से एक को दिखाता है. जिप कोड का दूसरा अंक एक सब-रीजन और किसी राज्य के डाक सर्कल की जानकारी देता है. वहीं, जिप कोड का तीसरा अंक पहले दो अंकों के साथ मिलकर उस राज्य के जिले का नाम बताता है. जिप कोड के अंतिम तीन अंक जिले के भीतर अलग-अलग डाकघरों की जानकारी देते हैं.
क्या पिन कोड और जिप कोड में कोई अंतर है?
नहीं, पिन कोड और जिप कोड में कोई अंतर नहीं होता है. पिन कोड का मतलब पोस्टल इंडेक्स नंबर कोड है, जिसे जिप कोड या एरिया पोस्टल कोड भी कहा जाता है. यह भारत की डाक सेवाओं द्वारा इस्तेमाल होने वाला पोस्ट ऑफिस नंबरिंग कोड सिस्टम है.





















