71 साल बाद भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज़ जीतने के इरादे से पहुंची है. नंबर वन टीम इंडिया को देखकर भी ऐसा ही लगता है कि विराट कोहली की अगुवाई वाली ये टीम इस बार ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचकर लौटेगी.
जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने दिग्गज खिलाड़ियों के बैन होने से आधी ताकत के साथ मैदान पर है. वहीं टीम इंडिया मौजूदा समय में बेहतरीन फॉर्म में है, और सबसे खास बात उसके गेंदबाज़ विदेशी सरज़मीं पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं.
मौजूदा समय में टीम इंडिया में एक नहीं बल्कि कई स्टार्स हैं. लेकिन विरोधी टीम की पहली और पैनी नज़र टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को रोकने पर रहेगी. विरोधी टीम ये मानती है कि अगर वो विराट कोहली को रोकने में कामयाब रहे तो वो आधी जंग पहले ही जीत जाएंगे.
ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई टीम के दिग्गज रिकी पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से विराट पर दबाव बनाकर खेलने की सलाह दे डाली है. साथ ही उन्होंने कहा है कि विराट कोहली को परेशान किया जा सकता है. पोंटिंग ने कहा है कि हमारी टीम को चुपचाप बैठने और भारतीय कप्तान को हावी होने देने के बजाय उनको हर तरह से परेशान करना चाहिए. विराट को हावी होने का मौका नहीं दिया तो बात बन जाएगी.
पोंटिंग का ये बयान तब आया है जब पूर्व ऑस्ट्रेलियाई डीन जोन्स ने अपनी टीम के खिलाड़ियों को ये सलाह दी है कि वो विराट कोहली को उकसाने का काम ना करें.
पॉन्टिंग ने एक सवाल विराट को जाल में फंसाने के जवाब में कहा, 'हां ऐसा हो सकता है. और मुझे तो ये भी लगता है कि वो ऐसे खिलाड़ी नहीं है जिसे आपको परेशान नहीं करना चाहिए. मैंने उसे परेशान होते हुए देखा है.'
पॉन्टिंग ने भारत-ऑस्ट्रेलिया पुरानी टक्कर की याद दिलाते हुए कहा कि 'मिशेल जानसन ने निश्चित तौर पर अपनी खतरनाक गेंदबाजी और उसके आक्रामक हाव भावों से विराट को परेशानी में डाला था. इसलिए मैं मौजूदा टीम को चुपचाप बैठकर उन्हें हावी होने की अनुमति नहीं दूंगा.'
रिकी पॉन्टिंग ने ये भी कहा कि जिस तरह के क्रिकेट के लिए उनकी टीम जानी जाती है उसे वैसा ही क्रिकेट खेलना चाहिए. पोंटिंग बोले कि 'हम जिस तरह से क्रिकेट खेलते रहे हैं वह अच्छे शारीरिक हाव भाव से जुड़ा है. हम इसी अंदाज में हमेशा से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते रहे हैं. और अगर ये टीम आक्रामक अंदाज़ में नहीं खेलती तो ये गलत होगा. '
हालांकि साथ ही पोंटिंग ने अपनी टीम को ये भी सलाह दे डाली कि अच्छी गेंदबाज़ी या अच्छे प्रदर्शन के साथ ही आक्रामकता का कोई महत्व होता है. वरना ये बेकार है.