रेसिज्म की पोल खोलने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी की जान पर खतरा, जल्द इंग्लैंड से होंगे विदा
पाकिस्तान के इस क्रिकेटर का कहना है कि वह अपने परिवार को बुरे बर्ताव और धमकी से बचाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं.

Azim Rafiq Rasism Case: पिछले दिनों क्रिकेटर अजीम रफीक ने यॉर्कशर काउंटी टीम पर नस्लीय व्यवहार का आरोप लगाया था, लेकिन अब यह खिलाड़ी इंग्लैंड छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं. दरअसल, ऐसा कहा जा रहा जा रहा है कि अजीम रफीक अपने परिवार को बुरे बर्ताव और धमकी से बचाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं. अजीम रफीक के आरोप के बाद ब्रिटेन की संसदीय समिति ने जांच की थी. साथ ही इसके बाद बड़े सुधारवादी कदम उठाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अजीम रफीक को घरेलू स्तर पर कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
पाकिस्तान से ब्रिटेन गया था अजीम रफीक का परिवार
मिली जानकारी के मुताबिक, अपहरण के प्रयास और फिर अपने पिता के व्यावसायिक साझेदार की हत्या के बाद अजीम रफीक का परिवार पाकिस्तान से ब्रिटेन आ गया था, लेकिन ब्रिटेन में भी इस खिलाड़ी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. दरअसल, ब्रिटन में अजीम रफीक के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा अजीम रफीक को लगातार धमकियां मिल रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस क्रिकेटर को हाल के दिनों में ऑनलाइन और व्यक्तिगत दोनों तरह से धमकियां मिल रही हैं.
अजीम रफीक की बहन आम्ना ने छोड़ी नौकरी
गौरतलब है कि पिछले दिनों अजीम रफीक की बहन आम्ना ने भी यॉर्कशर में अपनी नौकरी छोड़ दी थी. दरअसल, उस वक्त पुलिस ने उनसे कहा था कि वह उन्हें सुरक्षा नहीं दे सकती. बहरहाल, इंग्लैंड क्रिकेट ने सुरक्षा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इस क्रिकेटर ने बाहर जाने का मन बना लिया है. अजीम रफीक के अलावा चार अन्य लोगों को हाल ही में इंग्लैंड क्रिकेट अनुशासन आयोग ने सोशल मीडिया पर ‘समुदाय विरोधी भाषा’ के इस्तेमाल के लिए फटकार लगाई थी. हालांकि, यह मामला साल 2011 का था.
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