पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी अपनी आत्मकथा गेम चेंजर को लेकर सुर्खियों में हैं. अफरीदी ने अपनी इस किताब में अपनी उम्र का खुलासा कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया तो, वहीं भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर के साथ अपनी 'दुश्मनी' को भी जगजाहिर किया है.


अफरीदी ने अपनी किताब में गंभीर के साथ क्रिकेट के मैदान पर हुई लड़ाई और कुछ निजी बातों का भी उल्लेख किया है. अफरीदी ने गंभीर को एक अड़ियल रवैये का इंसान बताया है और उनके क्रिकेटिंग करियर पर भी सवाल उठाए.


अफरीदी ने अपनी इस किताब लिखा कि, ''गंभीर का क्रिकेट में एक भी महान रिकॉर्ड नहीं है लेकिन वह खुद में महान समझता है और वैसे ही वर्ताव करता है. गौतम काफी कमजोर हैं और साथ ही उनका रवैया उनके लिए एक समस्या है.''


अफरीदी ने इतने पर ही नहीं रुके और गंभीर को सर डॉन ब्रेडमैन और जेम्स बॉन्ड का मिश्रण का बता दिया. अफरीदी ने कहा कि ''गंभीर के रवैये को प्रतिस्पर्धी नहीं कहा जा सकता है. वास्तव में, वह अपने खेल के दिनों में नकारात्मकता से भरे थे.''


आपको बता दें कि क्रिकेट के मैदान पर गंभीर और अफरीदी के बीच साल 2007 में हुई तीखी बहस खूब सुर्खियों में थी. इसके अलावा भी यह दोनों क्रिकेटर एक दूसरे पर छींटा कसी करते रहे हैं.


गंभीर के अलावा अफरीदी ने अपनी किताब अपने उम्र को लेकर भी खुलासा किया है. उन्होंने अपनी आत्मकथा में खुलासा किया है कि उनका जन्म 1975 में हुआ था और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1980 में नहीं.


अफरीदी की आत्मकथा में इस खुलासे का मतलब है कि 1996 में नैरोबी में जब उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ रिकॉर्ड 37 गेंद में शतक जड़ा था तो वह 16 साल के नहीं थे.


अफरीदी ने अपनी आत्मकथा ‘गेम चेंजर’ में लिखा, ‘‘मैं सिर्फ 19 साल का था, 16 साल का नहीं जैसा कि उन्होंने दावा किया. मेरा जन्म 1975 में हुआ. इसलिए हां, अधिकारियों ने मेरी उम्र गलत लिखी.’’


अफरीदी का 19 साल का होने का दावा भ्रम पैदा करने वाला है क्योंकि अगर वह 1975 में पैदा हुए तो उनकी उम्र रिकॉर्ड शतक के दौरान 21 साल होनी चाहिए. उन्होंने 27 टेस्ट, 398 वनडे और 99 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं.